दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में पहुंची, 6 राज्यों में पराली जलाने की 19 घटनाएं दर्ज

Edited By Updated: 01 Oct, 2026 12:18 AM

delhi s air quality reaches  moderate  category 19 incidents of stubble burning

दिल्ली की वायु गुणवत्ता बुधवार को 'मध्यम' श्रेणी में पहुंच गई और शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 129 दर्ज किया गया। वहीं, आईसीएआर (भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान) के अनुसार, छह राज्यों में पराली जलाने की 19 घटनाओं का पता चला, जिनमें पंजाब और...

नेशनल डेस्क : दिल्ली की वायु गुणवत्ता बुधवार को 'मध्यम' श्रेणी में पहुंच गई और शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 129 दर्ज किया गया। वहीं, आईसीएआर (भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान) के अनुसार, छह राज्यों में पराली जलाने की 19 घटनाओं का पता चला, जिनमें पंजाब और उत्तर प्रदेश में सात-सात घटनाएं शामिल हैं। आईसीएआर के अनुसार, बुधवार को उपग्रहों के जरिये पता लगाई गई पराली जलाने की 19 घटनाओं में से चार मध्यप्रदेश और एक हरियाणा में दर्ज की गई।

आंकड़ों के अनुसार, 15 से 30 सितंबर के बीच छह राज्यों में पराली जलाने की कुल 114 घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें पंजाब में 59, उत्तर प्रदेश में 32, मध्यप्रदेश में 17, हरियाणा में तीन, राजस्थान में दो और दिल्ली में एक घटना शामिल है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, पांच दिनों तक 'संतोषजनक' श्रेणी में रहने के बाद बुधवार को दिल्ली का एक्यूआई 'मध्यम' श्रेणी में पहुंच गया। सीपीसीबी के वर्गीकरण के अनुसार, 0-50 एक्यूआई को 'अच्छा', 51-100 को 'संतोषजनक', 101-200 को 'मध्यम', 201-300 को 'खराब', 301-400 को 'बहुत खराब' और 401-500 को 'गंभीर' श्रेणी में रखा जाता है। आईआईटी दिल्ली केंद्र पर शाम छह बजे एक्यूआई 207 दर्ज किया गया, जो 'खराब' श्रेणी में है।

दिल्ली के कुल 45 निगरानी केंद्रों में से 42 केंद्रों पर वायु गुणवत्ता 'मध्यम' और तीन केंद्रों पर 'संतोषजनक' श्रेणी में रही। किसान गेहूं और सब्जियों की बुवाई से पहले खेतों को साफ करने के लिए फसल अवशेषों में आग लगाते हैं। पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं दिल्ली की वायु गुणवत्ता को सीधे प्रभावित करती हैं। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के अनुसार, एक अक्टूबर से तीन अक्टूबर और उसके बाद अगले छह दिनों तक दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में रहने की संभावना है।

प्रणाली ने कहा, ''वेंटिलेशन इंडेक्स 6,000 वर्ग मीटर प्रति सेकंड से नीचे रहने और औसत हवा की गति 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम रहने की संभावना है। ये स्थितियां प्रदूषकों के फैलाव के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती हैं।'' भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिल्ली के आधार केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.5 डिग्री कम है। पालम में अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री कम है, जबकि लोधी रोड पर यह 33.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.8 डिग्री अधिक है। रिज क्षेत्र में अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम है, जबकि आयानगर में यह 34 डिग्री सेल्सियस रहा।

सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.9 डिग्री कम है। पालम में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.5 डिग्री कम है जबकि लोधी रोड पर यह 21.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.4 डिग्री कम है। रिज में न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.1 डिग्री कम है, जबकि आयानगर में यह 22.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.4 डिग्री कम है। आईएमडी के अनुसार, अधिकतम तापमान मंगलवार की तुलना में 1.8 डिग्री अधिक रहा, जबकि पिछले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में 1.4 डिग्री की वृद्धि हुई। आंकड़ों के अनुसार, बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे समाप्त हुए 24 घंटे की अवधि में दिल्ली में बारिश दर्ज नहीं की गई।

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