ओमिक्रोन के चलते ऑस्ट्रेलिया में हो सकती है शिक्षकों की कमी, डेली बढ़ रहे केस

Edited By Hitesh, Updated: 19 Jan, 2022 06:29 PM

due to omicron there may be a shortage of teachers in australia

ओमिक्रोन की लहर ऑस्ट्रेलिया में शिक्षकों की मौजूदा कमी और काम के बोझ को बढ़ा सकती है। जैसे ही देश भर में जनवरी के अंत और फरवरी की शुरुआत में स्कूल शुरू होंगे, कई शिक्षकों को कोविड होने का खतरा होगा। उन्हें काम से दूर रहने की आवश्यकता होगी, जबकि अन्य...

नेशनल डेस्क: ओमिक्रोन की लहर ऑस्ट्रेलिया में शिक्षकों की मौजूदा कमी और काम के बोझ को बढ़ा सकती है। जैसे ही देश भर में जनवरी के अंत और फरवरी की शुरुआत में स्कूल शुरू होंगे, कई शिक्षकों को कोविड होने का खतरा होगा। उन्हें काम से दूर रहने की आवश्यकता होगी, जबकि अन्य लोग इस पेशे को पूरी तरह छोड़ने का विकल्प चुन सकते हैं। शिक्षकों की अनुपस्थिति के बारे में माता-पिता की चिंताओं को दूर करने के लिए, प्रधान मंत्री ने हाल ही में घोषणा की कि शिक्षकों को अब सात दिनों के लिए घर पर अलग-थलग करने की आवश्यकता नहीं होगी यदि वे निकट संपर्क में हैं, और यदि उन्हें लक्षण नहीं हैं और उनका रैपिड एंटीजन परीक्षण नेगेटिव आता हैं। लेकिन यूनियनों ने नियमों में इस ढील की निंदा करते हुए कहा कि यह केवल शिक्षकों और बच्चों के लिए सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाएगा। राज्य और क्षेत्र सुरक्षित रूप से स्कूल खोलने की जो योजना बना रहे हैं, वह गुरुवार को जारी होने वाली है। लेकिन स्कूलों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए, और दूरस्थ शिक्षा से बचने के लिए, ऑस्ट्रेलिया के पास शिक्षकों की भर्ती और उन्हें बनाए रखने के लिए एक दीर्घकालिक योजना भी होनी चाहिए। इसका मतलब है कि उनकी पेशेवर स्थिति में सुधार, काम की स्थितियों में सुधार और वेतन में वृद्धि। दूसरे देशों में क्या हो रहा है?

अन्य देश भी ओमिक्रोन के कारण शिक्षकों की कमी देख रहे हैं। इंग्लैंड में शिक्षकों को स्टाफ की कमी के कारण कक्षाओं को संयोजित करने के लिए कहा गया है। कनाडा में कुछ प्रांतों को स्कूल खोलने में देरी करनी पड़ी। ओंटारियो में जहां परिवारों को पहले एक शिक्षक या बच्चे का परीक्षण सकारात्मक होने पर इस बारे में सूचित किया जाता था, अब केवल तभी अधिसूचित किया जाएगा जब 30% से अधिक कर्मचारी और छात्र अनुपस्थित हों। फ्रांस में शिक्षक हड़ताल पर चले गए हैं और इसे "अराजक परिस्थितियों" के रूप में वर्णित किया गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका को भी, ऑस्ट्रेलिया की तरह, महामारी से पहले से ही शिक्षकों की कमी का सामना करना पड़ रहा है और उसे महामारी के दौरान स्कूल खुले रखने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

कुछ राज्यों ने माता-पिता को स्टॉप-गैप विकल्प शिक्षकों के रूप में भर्ती किया है, अन्य दूरस्थ शिक्षा में लौट आए हैं। अमेरिका में शोध से यह स्पष्ट हुआ है कि महामारी ने शिक्षकों की कक्षा में बने रहने की प्रतिबद्धता को बदल दिया है और बड़े पैमाने पर शिक्षकों की कमी है। आस्ट्रेलिया भी इन्हीं हालात का शिकार है। ऑस्ट्रेलिया में शिक्षकों की कमी ऑस्ट्रेलिया के शिक्षक खराब पेशेवर स्थिति से पीड़ित हैं। सम्मान की कमी, भर्ती की समस्या, खराब वेतन (अन्य व्यवसायों के सापेक्ष), उच्च कार्यभार, परस्पर विरोधी मांग और अब महामारी ने रही सही कसर पूरी कर दी है। आंकड़ों और रिपोर्टों की एक श्रृंखला से पता चलता है कि शिक्षकों की इस कमी का पैमाना गंभीर होगा। शिक्षक की डिग्री लेने वालों की अपनी पढ़ाई पूरी करने की कम दर (डिग्री शुरू करने वालों में से 60% से कम), के साथ साथ बढ़ते बच्चों और युवा जनसांख्यिकीय रूख से पता चलता है कि कई स्कूलों में, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, अगले कुछ वर्षों में चीजें और भी कठिन हो जाएंगी।

एनएसडब्ल्यू टीचर्स फेडरेशन द्वारा प्राप्त की गई न्यू साउथ वेल्स शिक्षा विभाग की रिपोर्ट से पता चलता है कि 2021 में 1,100 से अधिक पूर्णकालिक माध्यमिक और विशेष शिक्षा शिक्षण पद खाली थे। इसका मतलब है कि बहुत सी कक्षाओं में शिक्षक नहीं होंगे। दस्तावेजों में कथित तौर पर यह भी कहा गया है कि राज्य के पब्लिक स्कूल "अगले पांच वर्षों में शिक्षकों से खाली हो जाएंगे"। इस बीच, राज्यों को पिछले दो वर्षों में महामारी के दौरान आई शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए आकस्मिक और राहत शिक्षकों को खोजने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 2020 के छात्र नामांकन, छात्र से शिक्षक अनुपात और स्कूल जनसंख्या वृद्धि पर आधारित अनुमानों से पता चलता है कि 2031 तक एनएसडब्ल्यू में 11,000 से 13,000 नए शिक्षकों की आवश्यकता होगी। राष्ट्रीय स्तर पर हमने गणित और विज्ञान के शिक्षकों की भारी कमी देखी है। दस वर्षों के बाद भी ऑस्ट्रेलियाई शिक्षक कार्यबल डेटा परियोजना अभी भी विकास के चरण में है, सामान्य या विशेषज्ञ की कमी की कोई प्रणालीगत राष्ट्रीय ट्रैकिंग नहीं हुई है।

ऑस्ट्रेलियन मैथमेटिक्स एंड साइंस इंस्टीट्यूट ने गणना की है कि इस बात की 76प्रतिशत संभावना है कि अगले 7 से 10 साल में प्रत्येक छात्र का कम से कम एक गणित शिक्षक अयोग्य होगा। गणित और विज्ञान में शिक्षकों की कमी को लंबे समय तक सहन करना विशेष रूप से आश्चर्यजनक है क्योंकि ये क्षेत्र हमारी अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन विषयों में पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों की संख्या में गिरावट के दस्तावेजी सुबूत हैं जो इस बात का प्रमाण है कि हम पहले से ही इस उपेक्षा की कीमत चुका रहे हैं।

Related Story

Trending Topics

Indian Premier League
Gujarat Titans

Rajasthan Royals

Match will be start at 24 May,2022 07:30 PM

img title img title

Everyday news at your fingertips

Try the premium service

Subscribe Now!