निर्यात प्रतिबंध: गुजरात बंदरगाह पर फंसे गेहूं से लदे 4,000 ट्रक

Edited By Pardeep, Updated: 18 May, 2022 01:24 AM

export ban 4 000 trucks carrying wheat stranded at gujarat port

केंद्र द्वारा गेहूं के निर्यात पर अचानक प्रतिबंध की घोषणा के बाद गुजरात के कांडला में दीनदयाल बंदरगाह के बाहर खाद्यान्न से लदे कम से कम 4,000 ट्रक फंसे पड़े हैं। इन ट्रकों को गेहूं के पोत पर लदान के लिए अधिकारियों की मंजूरी का इंतजार

अहमदाबादः केंद्र द्वारा गेहूं के निर्यात पर अचानक प्रतिबंध की घोषणा के बाद गुजरात के कांडला में दीनदयाल बंदरगाह के बाहर खाद्यान्न से लदे कम से कम 4,000 ट्रक फंसे पड़े हैं। इन ट्रकों को गेहूं के पोत पर लदान के लिए अधिकारियों की मंजूरी का इंतजार है। बंदरगाह और उद्योग के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) में शनिवार, रविवार और सोमवार को तीन दिन की छुट्टी के कारण 13 मई को अधिसूचित प्रतिबंध के बाद लदान के लिए अतिरिक्त अनुमति की प्रतीक्षा में चार पोत बंदरगाह पर खड़े हैं। 

कच्छ जिले के दीनदयाल बंदरगाह से गेहूं मुख्य रूप से अफ्रीकी देशों, बांग्लादेश, दक्षिण कोरिया और यमन भेजा जाता है। स्थानीय गांधीधाम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष तेजा कंगड़ ने कहा, ‘‘मध्य प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र और कुछ अन्य राज्यों से गेहूं ले जाने वाले लगभग 4,000 ट्रक पिछले तीन से चार दिन से कांडला बंदरगाह के बाहर खड़े हैं।'' 

उन्होंने कहा कि डीजीएफटी में - तीन दिन की छुट्टी ने समस्या को और बढ़ा दिया है जिसके कारण गेहूं निर्यात करने के लिए बंदरगाह पर खड़े चार मालवाहक जहाजों को निर्यात प्रतिबंध अधिसूचना के बाद सीमा शुल्क मंजूरी के लिए डीजीएफटी से अतिरिक्त अनुमति की प्रतीक्षा में छोड़ दिया गया है। कंगड़ और दीनदयाल बंदरगाह प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि इस बीच बंदरगाह और स्थानीय प्रशासन और गांधीधाम उद्योग निकाय ने इन फंसे हुए ट्रकों के लगभग 7,000 से 8,000 ड्राइवरों और सफाईकर्मियों के लिए भोजन की व्यवस्था की है। कंगड़ ने कहा, ‘‘हमारा मानना ​​है कि कांडला बंदरगाह के गोदामों, परिसरों और ट्रकों और जहाजों पर करीब 20-25 लाख टन गेहूं पड़ा है।'' 

दीनदयाल बंदरगाह प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बंदरगाह पर लगे चार जहाजों में से एक, जिसे ‘माना' कहा जाता है, को मंगलवार को शेष 17,160 टन गेहूं लदान और मिस्र में अपने गंतव्य के लिए रवाना होने की अनुमति दी गई। दीनदयाल बंदरगाह प्रशासन के प्रवक्ता ओम प्रकाश ददलानी ने कहा कि तीन अन्य पोत अब भी शेष गेहूं का लदान करने और अपने-अपने गंतव्यों के लिए रवाना होने के लिए अधिकारियों से मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। 

उन्होंने कहा, ‘‘शेष तीन जहाजों के लिए मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है और इसे समय पर पूरा कर लिया जाएगा।'' ददलानी ने कहा कि चार में से तीन जहाजों को 15 मई को रवाना होना था, लेकिन गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध के कारण देरी हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘डीजीएफटी द्वारा मंजूरी दिए जाने के साथ ट्रकों ने बंदरगाह की ओर बढ़ना शुरू कर दिया है और स्थिति सामान्य होने लगी है।''
 

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