सावन का पहला सोमवार-देशभर के मंदिरों में गूंजा हर-हर महादेव...काशी विश्वनाथ से लेकर महाकालेश्वर मंदिर तक उमड़े श्रद्धालु

Edited By Seema Sharma,Updated: 18 Jul, 2022 07:27 PM

सावन के पहले सोमवार पर देशभर के मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। हर तरफ आज माहौल शिवमय रहा। देशभर के मंदिर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठे।

नेशनल डेस्क: सावन के पहले सोमवार पर देशभर के मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। हर तरफ आज माहौल शिवमय रहा। देशभर के मंदिर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठे। वारणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर और बाबा बैद्यनाथ मंदिर में सुबह 4 बजे से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।

 

बता दें कि सावन भगवान शिव का सबसे प्रिय मास है। इस बार भगवान शिव के प्रिय मास में चार सावन सोमवार पड़ेंगे। सावन के पहले सोमवार को रवि योग बन रहा है। इस योग में शिव जी की पूजा के साथ मंत्र साधना करना लाभदायक होता है। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सावन सबसे उत्तम मास है। इन दिनों में शिवलिंग की पूजा-अर्चना करने से विशेष फल मिलता है। 

 

ढाई बजे ही खुल गए महाकालेश्वर मंदिर के पट

विश्वभर में प्रसिद्ध उज्जैन के महाकाल मंदिर में सावन के पहले सोमवार पर बड़ी संख्या में शिव भक्त बाबा की भस्म आरती में शामिल हुए। सामान्य दिनों में सुबह तीन बजे मंदिर के पट खोले जाते हैं लेकिन सावन के पहले सोमवार को ढाई बजे मंदिर के पट खोल दिए गए। 2 सालों से कोरोना के कारण श्रद्धालु सावन माह में बाबा की भस्म आरती का आनंद नहीं ले पाए थे लेकिन इस बार भक्त बड़े उत्साह के साथ बाबा के दर्शन करने पहुंचे।

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बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़

वैसे तो पूरे महीने तक बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में श्रद्धालुओं भीड़ रहती है पर सावन के सोमवार को बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। मंदिर के पुरोहितों के मुताबिक सावन माह में जब समुद्र मंथन हुआ था तो 14 रत्न की प्राप्ति हुई थी और सावन के पहले सोमवार को ऊंचेश्रवा घोड़ा मिला था, जो कभी नहीं रुकने का प्रतीक माना जाता है। सोमवार को उसकी पूजा करते हैं और सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है हर मनोकामना पूरी होती है. 

 

काशी विश्वनाथ के दरबार में गंगाजल लेकर पहुंचे भक्त

काशी विश्वनाथ के दरबार में भक्त गंगा घाट से गंगाजल लेकर जलाभिषेक के लिए पहुंचे। देर रात से ही दर्शनों के लिए मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी लाइन देखी गई। हाथों में गंगाजल लिए भक्त बम-बम भोले और हर हर महादेव के उद्घोष के साथ काशी विश्वनाथ के दर्शनों के लिअ उत्साहित दिखे। 

 

सावन के पहले सोमवार को भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए हरिद्वार के कनखल स्थित शिव की ससुराल दक्षेश्वर प्रजापति महादेव मंदिर में शिव भक्तों की कतार लगी हुई है। मान्यता है कि सावन के सोमवार को कनखल में भगवान शंकर का जलाभिषेक करने से सभी की मनोकामना पूरी होती है।

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