1 अप्रैल से टोल प्लाजा पर बंद हो सकता है कैश पेमेंट, बस ऐसे कर पाएंगे भुगतान

Edited By Updated: 20 Feb, 2026 08:32 PM

from april 1 cash payment will be closed at the toll plaza

देशभर के नेशनल हाईवे पर सफर करने वालों के लिए सरकार बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। सरकार ने संकेत दिया है कि 1 अप्रैल से सभी टोल प्लाजा पर नकद (कैश) भुगतान पूरी तरह बंद किया जा सकता है।

नेशनल डेस्कः देशभर के नेशनल हाईवे पर सफर करने वालों के लिए सरकार बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। सरकार ने संकेत दिया है कि 1 अप्रैल से सभी टोल प्लाजा पर नकद (कैश) भुगतान पूरी तरह बंद किया जा सकता है। इस प्रस्ताव पर National Highways Authority of India (NHAI) गंभीरता से विचार कर रहा है।

क्यों लिया जा रहा है यह फैसला?

सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल कलेक्शन सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल बनाना चाहती है। अगर यह नियम लागू होता है तो टोल प्लाजा पर भुगतान सिर्फ इन माध्यमों से होगा:

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का कहना है कि इससे टोल प्लाजा पर कामकाज ज्यादा तेज, पारदर्शी और व्यवस्थित होगा।

देश में कितने टोल प्लाजा?

भारत में 1,150 से अधिक टोल प्लाजा हैं। सरकार का मानना है कि डिजिटल भुगतान लागू होने से लंबी लाइनों में कमी आएगी, वाहनों का समय बचेगा, ट्रैफिक जाम कम होगा। इसके साथ ही विवाद और लेनदेन की गड़बड़ियां घटेंगी।

FASTag की पहुंच 98% से ज्यादा

आंकड़ों के अनुसार देश में FASTag की पहुंच 98% से अधिक हो चुकी है। FASTag में RFID तकनीक लगी होती है, जिससे वाहन बिना रुके टोल पार कर सकते हैं। इससे ईंधन की बचत होती है और यात्रा तेज होती है। NHAI ने सभी टोल प्लाजा पर UPI भुगतान की सुविधा भी शुरू कर दी है, ताकि यात्रियों को डिजिटल भुगतान के कई विकल्प मिल सकें।

अभी क्या नियम है?

फिलहाल नियम यह है: अगर वाहन में वैध FASTag नहीं है और कैश से भुगतान किया जाता है, तो दोगुना टोल शुल्क देना पड़ता है। अगर UPI से भुगतान किया जाता है, तो 1.25 गुना शुल्क लिया जाता है। सरकार का कहना है कि पूरी तरह डिजिटल सिस्टम लागू होने से ट्रैफिक प्रबंधन और बेहतर होगा।

कैश पेमेंट से क्या दिक्कतें आती हैं?

टोल प्लाजा पर किए गए आकलन में पाया गया है कि नकद भुगतान के कारण:

  • पीक आवर्स में लंबी कतारें लगती हैं

  • प्रतीक्षा समय बढ़ जाता है

  • पैसे को लेकर विवाद ज्यादा होते हैं

  • लेनदेन की प्रक्रिया धीमी होती है

डिजिटल सिस्टम से इन समस्याओं में काफी कमी आने की उम्मीद है।

FASTag का सालाना पास भी लोकप्रिय

सरकार ने FASTag का एक साल का पास भी शुरू किया है।

  • 3,000 रुपये का एकमुश्त भुगतान

  • 1 साल की वैधता या 200 बार टोल पार करने की सुविधा

  • बार-बार रिचार्ज करने की जरूरत नहीं

इस योजना को काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है और इसे इस्तेमाल करने वालों की संख्या 50 लाख के पार पहुंच चुकी है।

यात्रियों के लिए क्या जरूरी?

अगर यह नियम 1 अप्रैल से लागू होता है, तो हाईवे पर सफर करने से पहले वाहन में एक्टिव FASTag जरूर लगवाएं या UPI भुगतान की सुविधा तैयार रखें। सरकार का उद्देश्य टोल सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल, तेज और पारदर्शी बनाना है, ताकि यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके।

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