रूस के खिलाफ एकजुट हुए G7 देश, पुतिन को सबक सिखाने का लिया संकल्प

Edited By Tanuja,Updated: 29 Jun, 2022 01:50 PM

g7 united against russia resolved to inflict economic damage on putin

विश्व के सबसे धनी लोकतांत्रिक देशों के नेताओं ने रूस के आक्रमण के खिलाफ यूक्रेन का समर्थन करने का मंगलवार को संकल्प लिया। नेताओं...

इंटरनेशनल डेस्कः विश्व के सबसे धनी लोकतांत्रिक देशों के नेताओं ने रूस के आक्रमण के खिलाफ यूक्रेन का समर्थन करने का मंगलवार को संकल्प लिया। नेताओं ने "जब तक आवश्यक हो", तब तक यूक्रेन का समर्थन करने के लिए एकजुट रुख अपनाया और कहा कि वे युद्ध को वित्तपोषित करने वाले तेल की बिक्री से रूस की आय को सीमित करने के लिए दूरगामी कदमों की संभावना का पता लगाएंगे। जर्मनी में जी-7 देशों के शिखर सम्मेलन के बाद जारी अंतिम बयान में रूस पर "गंभीर और तत्काल आर्थिक लागत" लगाने के इरादे को रेखांकित किया गया।

 

लेकिन बयान में इस बात का विवरण नहीं है कि जीवाश्म ईंधन की कीमत पर लगी सीमा व्यावहारिक रूप से कैसे लागू होगी। समूह के सदस्य देश एक निश्चित स्तर से ऊपर रूसी तेल के आयात को रोकने के उपायों की तलाश करने के लिए आने वाले हफ्तों में और अधिक चर्चा करेंगे। इससे रूसी आय का एक प्रमुख स्रोत प्रभावित होगा और वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही ऊर्जा की कीमतों से राहत दिलाएगा। नेताओं ने रूसी सोने के आयात पर प्रतिबंध लगाने और उन देशों को मदद देने पर सहमति जताई जो काला सागर के रास्ते यूक्रेनी अनाज का परिवहन रुकने से प्रभावित हैं।

 

अमेरिका ने पहले ही रूसी तेल के आयात पर रोक लगा दी है, हालांकि वह मात्रा में काफी कम थी। यूरोपीय संघ ने समुद्र के रास्ते आने वाले 90 प्रतिशत रूसी तेल पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है, लेकिन यह वर्ष के अंत तक ही प्रभावी हो पाएगा। इसका अर्थ है कि यूरोप भले ही युद्ध की निंदा करे लेकिन वह ऊर्जा के लिए रूस को भुगतान जारी रखेगा। इस बीच, वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में वृद्धि से रूसी नुकसान कम हो गया है। हालांकि पश्चिमी व्यापारी रूसी तेल नहीं ले रहे हैं। शिखर सम्मेलन में ऊर्जा का मुद्दा प्रमुख रहा। यूरोप तेल के नए स्रोत और गैस की नयी आपूर्ति खोजने के लिए प्रयासरत है क्योंकि रूस गैस की आपूर्ति को रोक रहा है। नेताओं का कहना है कि यह एक राजनीतिक कदम है।

 

इस बीच ऊर्जा की ऊंची कीमतें जी-7 देशों के उपभोक्ताओं के लिए परेशानी की वजह हैं। जी-7 के सदस्य देशों ने तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन के अंत में जारी बयान में कहा कि "इन असाधारण परिस्थितियों में, गैस क्षेत्र में सार्वजनिक निवेश अस्थायी कदम के तौर पर उपयुक्त हो सकता है।'' शिखर सम्मेलन के समापन से पहले, नेताओं ने यूक्रेन के क्रेमेनचुक शहर में एक शॉपिंग मॉल पर रूसी हमले की निंदा की और इसे युद्ध अपराध करा देते हुए कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तथा इसमें शामिल अन्य लोगों को जवाबदेह बनाया जाएगा।  

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