Edited By Tanuja,Updated: 13 Jun, 2026 04:18 PM

मालदीव में खसरे के बढ़ते मामलों के बीच भारत एक बार फिर संकटमोचक बनकर सामने आया है। भारत ने 20,000 खसरा-रूबेला वैक्सीन की खुराकें और लगभग तीन टन चिकित्सा सामग्री भेजी है। यह सहायता भारत की 'पड़ोसी प्रथम' नीति और क्षेत्रीय स्वास्थ्य सहयोग की...
International Desk: भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि संकट की घड़ी में वह अपने पड़ोसी देशों के साथ मजबूती से खड़ा रहता है। मालदीव में खसरे (मीजल्स) के बढ़ते मामलों के बीच भारत ने तत्काल मानवीय सहायता भेजते हुए 20,000 खसरा-रूबेला (एमआर) वैक्सीन की खुराकें और लगभग तीन टन चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराई है। यह सहायता ऐसे समय में भेजी गई है जब मालदीव खसरे के नए प्रकोप से जूझ रहा है और वहां सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जानकारी देते हुए कहा कि भारत मालदीव में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा और टीकाकरण कार्यक्रम को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत द्वारा भेजी गई सहायता में शामिल हैं
- 20,000 खसरा-रूबेला (MR) वैक्सीन की खुराकें
- लगभग 3 टन चिकित्सा सामग्री
- आवश्यक दवाइयां
- सिरिंज और इंजेक्शन उपकरण
- डायग्नोस्टिक किट
संकट में सबसे पहले मददगार बना भारत
विदेश मंत्रालय के अनुसार यह समय पर पहुंची सहायता मालदीव को खसरे के प्रसार को रोकने और प्रभावित लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में मदद करेगी। भारत की विदेश नीति में 'Neighbourhood First' यानी 'पड़ोसी प्रथम' नीति को विशेष महत्व दिया जाता है। इसी नीति के तहत भारत ने कोविड महामारी, प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपात स्थितियों के दौरान भी पड़ोसी देशों की मदद की है। मालदीव भारत की समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग की नीति 'विजन महासागर' (Vision MAHASAGAR) का भी एक महत्वपूर्ण साझेदार है। दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और सुरक्षा क्षेत्रों में लगातार सहयोग बढ़ रहा है।
WHO ने 2021 में घोषित किया था खसरा मुक्त
दिलचस्प बात यह है कि World Health Organization ने वर्ष 2021 में मालदीव को खसरा मुक्त देश घोषित किया था। ऐसे में वर्षों बाद इस बीमारी का दोबारा सामने आना वहां की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर टीकाकरण और निगरानी के जरिए इस प्रकोप को नियंत्रित किया जा सकता है।
क्या है खसरा और क्यों है खतरनाक?
खसरा एक अत्यंत संक्रामक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करती है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बोलने के दौरान निकलने वाली बूंदों के माध्यम से तेजी से फैलती है।
इसके प्रमुख लक्षण
- तेज बुखार
- नाक बहना
- आंखों का लाल होना
- मुंह के अंदर सफेद धब्बे
- पूरे शरीर पर लाल चकत्ते
गंभीर मामलों में यह निमोनिया, मस्तिष्क संक्रमण और मृत्यु तक का कारण बन सकता है। WHO और वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार खसरे के खिलाफ टीकाकरण दुनिया के सबसे प्रभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों में से एक है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रभावी टीकाकरण कार्यक्रम हर साल लाखों संक्रमणों और हजारों मौतों को रोक सकता है। मालदीव को भारत द्वारा भेजी गई सहायता न केवल तत्काल राहत प्रदान करेगी, बल्कि वहां खसरे के प्रसार को रोकने और भविष्य में बड़े स्वास्थ्य संकट को टालने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम केवल मानवीय सहायता नहीं बल्कि क्षेत्र में भारत की जिम्मेदार और भरोसेमंद साझेदार की छवि को भी मजबूत करता है। जब-जब पड़ोसी देशों पर संकट आया है, भारत ने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सहायता पहुंचाई है और मालदीव को भेजी गई यह मदद उसी परंपरा का ताजा उदाहरण है।