Edited By Pardeep,Updated: 13 May, 2026 11:37 PM

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। भारतीय नौसेना के अभेद्य सुरक्षा कवच के बीच 15वां एलपीजी (LPG) टैंकर 'एमवी सनशाइन' (MV Sunshine) सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर...
इंटरनेशनल डेस्क: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। भारतीय नौसेना के अभेद्य सुरक्षा कवच के बीच 15वां एलपीजी (LPG) टैंकर 'एमवी सनशाइन' (MV Sunshine) सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर बढ़ चला है। इस खबर ने देशभर में राहत की लहर दौड़ दी है, क्योंकि यह समुद्री मार्ग वर्तमान में दुनिया के सबसे संवेदनशील और तनावपूर्ण क्षेत्रों में से एक बना हुआ है।
नौसेना बनी जहाजों की 'ढाल'
फारस की खाड़ी से भारत के लिए आई यह खबर बेहद सुकून देने वाली है। एमवी सनशाइन की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नौसेना सहित कई एजेंसियां दिन-रात एक कर रही हैं। नौसेना ने इस अभियान में संकटमोचक की भूमिका निभाते हुए टैंकर को आवश्यक सुरक्षा और एस्कॉर्ट प्रदान किया, जिससे वह बिना किसी बाधा के खतरे वाले क्षेत्र को पार कर सका।
मल्टी-एजेंसी ऑपरेशन का दिखा असर
यह सफलता भारत सरकार की शानदार मल्टी-एजेंसी कोऑर्डिनेशन (बहु-एजेंसी समन्वय) का परिणाम है। सूत्रों के मुताबिक, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं ताकि खाड़ी क्षेत्र से भारतीय जहाजों को सुरक्षित निकाला जा सके। जानकारी के अनुसार, अब तक कुल 15 LPG जहाजों को फारस की खाड़ी के तनावपूर्ण इलाके से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है,।
ऊर्जा की 'लाइफलाइन' पर पहरा
मौजूदा वैश्विक संकट को देखते हुए भारतीय नौसेना ने इस क्षेत्र में अपनी निगरानी और गश्त (Patrolling) को और अधिक सख्त कर दिया है। एक अधिकारी ने बताया कि एमवी सनशाइन अब सुरक्षित मार्ग पर है और भारत की ओर बढ़ रहा है। भारत का यह कड़ा रुख दुनिया को संदेश दे रहा है कि देश की ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, भले ही हालात कितने भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों।