कौन हैं दिनकर गुप्ता, जिन्हें बनाया गया NIA का प्रमुख, IAS पत्नी के अधीन भी कर चुके काम

Edited By Anil dev,Updated: 25 Jun, 2022 11:45 AM

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कांग्रेस नेताओं द्वारा तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ राजनीतिक तख्ता पलट के बाद पंजाब पुलिस डीजीपी के पद से हटाए गए पंजाब कैडर के आईपीएस अधिकारी दिनकर गुप्ता अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी

नेशनल डेस्क: कांग्रेस नेताओं द्वारा तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ राजनीतिक तख्ता पलट के बाद पंजाब पुलिस डीजीपी के पद से हटाए गए पंजाब कैडर के आईपीएस अधिकारी दिनकर गुप्ता अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रमुख बनने के बाद देश की सेवा में अहम भूमिका निभाने वाले हैं। एनआईए के प्रमुख बनने वाले राज्य के पहले अधिकारी बन गए हैं। वह वर्तमान में पंजाब पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन का नेतृत्व कर रहे थे , जो एक सक्रिय पद नहीं है। राजनीतिक कारणों से पंजाब में दरकिनार किए गए गुप्ता सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य के लिए तैयार हैं, जो कश्मीर में नए सिरे से लक्षित हत्याओं की पृष्ठभूमि में आता है। इसके अलावा देश में विशेष रूप से पंजाब में आतंकवादी, गैंगस्टर और नार्को तस्करों का उदय हो रहा है।

आतंकवाद विरोधी अभियानों से है पहचान
दिनकर गुप्ता पंजाब में खुफिया-आधारित आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 50 से अधिक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित अभियानों का नेतृत्व किया है। गुप्ता ने फरवरी 2019 से अक्टूबर 2021 तक डीजीपी पंजाब के रूप में कार्य किया।  उनके कार्यकाल के दौरान प्रमुख गैंगस्टरों का सफाया किया गया था। डीजीपी तैनात होने से पहले, गुप्ता डीजीपी, इंटेलिजेंस, पंजाब के रूप में तैनात रहे, जिसमें पंजाब स्टेट इंटेलिजेंस विंग की सीधी निगरानी शामिल थी। राज्य के आतंकवाद निरोधी दस्ते और संगठित अपराध नियंत्रण इकाई का भी उन्होंने नेतृत्व किया। उन्होंने जून 2004 से जुलाई 2012 तक गृह मंत्रालय (एमएचए) के साथ केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आठ साल का कार्यकाल किया, जिसमें उन्होंने एमएचए के गणमान्य सुरक्षा प्रभाग का नेतृत्व करने जैसे कई संवेदनशील कार्य किए।

कई बार किए जा चुके हैं सम्मानित
उन्होंने पंजाब में आतंकवाद के चरण के दौरान 7 साल से अधिक समय तक लुधियाना, जालंधर और होशियारपुर जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (जिला पुलिस प्रमुख) के रूप में कार्य किया। उन्होंने 2004 तक डीआईजी (जालंधर रेंज), डीआईजी (लुधियाना रेंज), डीआईजी (काउंटर-इंटेलिजेंस), पंजाब और डीआईजी (इंटेलिजेंस), पंजाब के रूप में भी काम किया।

असाधारण साहस विशिष्ट वीरता और उच्च कोटि के कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए उन्हें वीरता के लिए उन्हें 1992 में  पुलिस पदक और वीरता के लिए 1994 में बार टू पुलिस पदक से अलंकृत किया गया। राष्ट्रपति द्वारा सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक और विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी उन्हें 2011 में भी सम्मानित किया जा चुका है। वह 2000-01 में जॉर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय, वाशिंगटन डीसी (यूएसए) और अमेरिकी विश्वविद्यालय, वाशिंगटन डीसी में विजिटिंग प्रोफेसर रहे हैं।

पत्नी के अधीन भी काम किया 
पंजाब में डीजीपी पद पर काम करते हुए दिनकर गुप्ता ने अपनी पत्नी विनी महाजन के अधीन भी काम किया। विनी महाजन को कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार ने राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त किया था। यह ऐसा समय भी था जब दोनों पति-पत्नी के कंधों पर पंजाब के सबसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारियां रहीं।

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