सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद बढ़ी बुलेट प्रूफ गाड़ियों की मांग, जानें- कितने में तैयार होती है एक कार

Edited By Anil dev, Updated: 20 Jun, 2022 11:27 AM

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मशहूर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद बुलेट प्रूफ गाड़ियों की मांग बढ़ रही है। सिद्धू मूसेवाला की जिस समय हत्या की गई तो वो बुलेट प्रूफ गाड़ी में नहीं थे

नेशनल डेस्क: मशहूर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद बुलेट प्रूफ गाड़ियों की मांग बढ़ रही है। सिद्धू मूसेवाला की जिस समय हत्या की गई तो वो बुलेट प्रूफ गाड़ी में नहीं थे। उनकी हत्या के बाद हर किसी के जहन में एक ही बात थी कि क्या वो बुलेट प्रूफ गाड़ी में होते उनकी जान बच जाती? एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बुलेटप्रूफ वाहन बनाने वाली कम से कम तीन फर्मों ने इस तरह के अनुरोधों की बढ़ती संख्या की सूचना दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों में पंजाबी फिल्म उद्योग से जुड़े अभिनेताओं और गायकों ने इन फर्मों से गाड़ियों को बुलेट प्रूफ करवाने के बारे में पूछताछ की है। बॉलीवुड और यूपी के लोगों के अलावा कम-ज्ञात राजनीतिक नेताओं ने भी अपने वाहनों को बख्तरबंद करने के बारे में पूछताछ की है।

बुलेट प्रूफ गाड़ी के लिए एनओसी जरूरी
बुलेट प्रूफ गाड़ियां बनाने वाली फैक्ट्री के मालिक ने मीडिया रिपोर्ट में बताया कि अगर आपको बुलेट प्रूफ गाड़ी बनानी है तो आपको सबसे पहले पुलिस से एनओसी लेनी पड़ेगी। पुलिस से एनओसी लेने के बाद ही फैक्ट्री उनकी गाड़ी बनाएगी। वहीं उन्होंने बताया की बुलेट प्रूफ गाड़ी तीन स्टेजेज में तैयार होती हैं। उन्होंने बताया कि छोटी गाड़ियां बुलेट प्रूफ नहीं हो सकती है। चूंकि बुलेट प्रूफ गाड़ियों का वजन एक क्विंटल तक बढ़ जाता है।सबसे पहले गाड़ी का पीडीआई होता है। उसके बाद गाड़ी को पूरी तरस से डिस्मेंटल कर देते हैं। तीसरे स्टेज में गाड़ी का फेब्रिकेशन होता है और उसके बाद गाड़ी को हैंडओवर किया जाता है। फैक्ट्री के मालिक की मानें तो एक गाड़ी को तैयार करने में कम से 20 लाख रुपये लगते हैं, वहीं इसकी रेंज 1 करोड़ तक जाती है।

1 से 3 माह में तैयार होती है गाड़ी
फैक्ट्री के मालिक ने बताया कि एक गाड़ी को तैयार होने में 1 से 3 महीने का समय लगता है। ये गाड़ियां एके-47 और अन्य हथियारों की रैपिड-फायर का सामना कर सकते हैं। इसके अलावा, उनके फ्लैट टायर 50 किमी प्रति घंटे से अधिक पर 50 किमी तक चल सकते हैं। आम तौर पर लैंड क्रूजर, टोयोटा फॉर्च्यूनर, महिंद्रा स्कॉर्पियो, फोर्ड एंडेवर और रेंज रोवर बुलेटप्रूफ होते हैं। 30 मिमी से 40 मिमी के बुलेटप्रूफ ग्लास की कीमत 7 लाख रुपये से अधिक है, जबकि बुलेटप्रूफ टायरों की कीमत 2 से 5 लाख रुपये के बीच है, क्योंकि ये जर्मनी से आयात किए जाते हैं। ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया और यूके से आयातित बख्तरबंद स्टील की कीमत 7 डॉलर प्रति किलोग्राम है। एक वाहन को बुलेटप्रूफ करने के लिए इस प्रकार के लगभग एक टन स्टील की आवश्यकता होती है।

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