आंखों के सामने बच्चों के डूबने की घटना को याद कर विधानसभा में भावुक हुए CM शिंदे

Edited By Anil dev,Updated: 04 Jul, 2022 05:54 PM

national news punjab kesari maharashtra eknath shinde assembly

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र के अंतिम दिन सोमवार को सदन में महत्वपूर्ण शक्ति परीक्षण में जीत हासिल कर ली।

नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र के अंतिम दिन सोमवार को सदन में महत्वपूर्ण शक्ति परीक्षण में जीत हासिल कर ली। 288 सदस्यीय सदन में 164 विधायकों ने विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि 99 विधायकों ने इसके खिलाफ मतदान किया। तीन विधायक मतदान से दूर रहे, जबकि कांग्रेस के अशोक चव्हाण और विजय वडेट्टीवार समेत 21 विधायक विश्वास मत के दौरान अनुपस्थित रहे। वहीं सीएम शिंदे ने विधानसभा के सदस्यों को संबोधित करते बच्चों को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने याद किया कि कैसे उनके बच्चों की सतारा में डूबने से मौत हो गई थी और वे सार्वजनिक जीवन से बाहर आ गए थे, लेकिन उन्होंने फिर से शिवसेना के लिए काम करना शुरू किया और संगठन में काम किया। 

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ अपने पुराने जुड़ाव के स्पष्ट संदर्भ में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को कहा कि उन्हें लंबे समय तक दबाया गया था और उनके नेतृत्व में विद्रोह उनके साथ किए गए अनुचित व्यवहार का नतीजा था। शिंदे ने विधानसभा में उनके नेतृत्व वाली नवगठित सरकार के विश्वास मत हासिल करने के बाद अपने भाषण में कहा, “आज की घटनाएं सिर्फ एक दिन में नहीं हुईं।” पिछले महीने शिवसेना विधायकों के एक गुट के साथ शुरू हुई शिंदे की बगावत उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली एमवीए सरकार के पतन के रूप में खत्म हुई। शिंदे ने 30 जून को मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। उनके साथ देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। 

उन्होंने कहा, “जब मैं यहां चुनाव के लिए आया था, तो इस सदन में ऐसे लोग हैं, जिन्होंने देखा कि मेरे साथ कैसा व्यवहार किया गया। मुझे लंबे समय तक दबाया गया। सुनील प्रभु (उद्धव ठाकरे गुट से शिवसेना विधायक) भी गवाह हैं।” पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का हवाला देते हुए, शिंदे ने कहा कि राकांपा के वरिष्ठ नेता ने उन्हें बताया था कि तीन दलों वाले महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार के गठन के बाद शिवसेना में एक “दुर्घटना” हुई है। एमवीए सरकार नवंबर 2019 में सत्ता में आई थी। बिना नाम लिए, शिंदे ने उद्धव ठाकरे के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें कहा गया था कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने उन्हें महा विकास आघाड़ी के गठन से पहले सूचित किया था कि कांग्रेस और एनसीपी के नेता शिंदे के तहत काम करने के इच्छुक नहीं हैं।

 शिंदे ने स्पष्ट रूप से उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनने का जिक्र करते हुए कहा, “लेकिन एमवीए सरकार बनने के बाद, अजीत पवार ने मुझसे कहा कि आपकी ही पार्टी (शिवसेना) में दुर्घटना हुई है। हम आपके मुख्यमंत्री बनने के खिलाफ कभी नहीं थे।” शिंदे ने यह भी दावा किया कि जब भाजपा-शिवसेना गठबंधन सत्ता में था, तो उन्हें पहले उपमुख्यमंत्री पद का वादा किया गया था। उन्होंने कहा, “केंद्रीय मंत्री (और भाजपा नेता) नितिन गडकरी ने मुझसे कहा था कि मुझे जल्द ही एक अच्छा पद मिलेगा।” सोमवार को एक विशेष सत्र में 288 सदस्यीय सदन में 164 विधायकों ने विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि 99 विधायकों ने इसके खिलाफ मतदान किया। 

Related Story

West Indies

137/10

26.0

India

225/3

36.0

India win by 119 runs (DLS Method)

RR 5.27
img title img title

Everyday news at your fingertips

Try the premium service

Subscribe Now!