बंगाल का भर्ती घोटाला: मंत्री पार्थ चटर्जी और अर्पिता को राहत नहीं, 5 अगस्त तक ED कस्टडी में भेजा गया

Edited By Pardeep,Updated: 03 Aug, 2022 10:04 PM

partha chatterjee and arpita mukherjee sent to ed custody for august 5

कोलकाता की एक विशेष अदालत ने एसएससी घोटाला मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को तीन दिनों के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत

कोलकाताः कोलकाता की एक विशेष अदालत ने एसएससी घोटाला मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को तीन दिनों के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया। 

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस विशेष अदालत से चटर्जी की चार दिनों की और मुखर्जी की भी तीन दिनों की हिरासत मांगी थी। ईडी ने मुखर्जी के आवास से गहनों एवं अन्य बेशकीमती सामान के अलावा करोड़ों रूपए नकद बरामद किए थे। दोनों धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत आरोपों से जूझ रहे हैं। संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष पीएमएलए न्यायाधीश जीवन कुमार साधू ने दोनों आरोपियों की तीन दिनों की ईडी हिरासत मंजूर की। 

अदालत ने कहा कि दोनों को पांच अगस्त को फिर पेश किया जाए। जांच अधिकारी को ईडी हिरासत में रहने के दौरान हर 48 घंटे पर आरोपियों की चिकित्सा परीक्षा कराने का इंतजाम कराने का निर्देश दिया गया। पूर्व मंत्री के वकील ने अपने मुवक्किल के लिए जमानत का अनुरोध किया जबकि मुखर्जी के वकील ने कहा कि उनकी मुवक्किल के लिए अब और ईडी हिरासत की जरूरत ही नहीं है। 

ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल एस वी राजू ने अदालत से कहा कि चटर्जी और मुखर्जी के संयुक्त स्वामित्व वाली कई कंपनियों एवं संपत्तियों का पता चला है और उन दोनों से इस संबंध में पूछताछ की जरूरत है। दोनों ही आरोपियों को आज विशेष अदालत में पेश किया गया था। राजू ने दावा किया कि चटर्जी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं जबकि मुखर्जी का रवैया अपेक्षाकृत सहयोगपरक है। 

न्यायाधीश साधू ने हर आरोपी के वकीलों को पहले दिन ईडी अधिकारियों की मौजूदगी में अपने मुवक्किलों से परामर्श करने की अनुमति दी। चटर्जी को 23 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। उससे पहले उनकी सहयोगी मुखर्जी के अपार्टमेंट से करोड़ों रूपए नकद, सोना एवं संपत्ति के दस्तावेज मिले थे। अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल ने कहा कि मुखर्जी के दो फ्लैटों से 49.80 करोड़ रूपए नकद मिला है। 

उन्होंने दावा किया कि चटर्जी और मुखर्जी धनशोधन में लिप्त पाए गए क्योंकि वे सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में सहायक शिक्षकों के पदों पर अवैध रूप से भर्ती की आपराधिक साजिश में संलिप्त थे। स्कूल सेवा आयोग के भर्ती अभियान में कथित अनियमितताएं तब हुईं जब चटर्जी राज्य के शिक्षा मंत्री थे। 
 

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