अफगान शांति प्रक्रिया के लिए सभी राजनीतिक, जातीय, धार्मिक समूहों की हो भागीदारी : लावरोव

Edited By Pardeep,Updated: 07 Apr, 2021 12:34 AM

participation of all political religious groups for afghan peace process

स के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मंगलवार को कहा कि ‘तालिबान आंदोलन'' अफगान समाज का हिस्सा है और सभी राजनीतिक, जातीय और धार्मिक समूहों की भागीदारी के बिना अफगानिस्तान में संघर्ष का कोई भी टिकाऊ समाधान नहीं होगा

नई दिल्लीः रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मंगलवार को कहा कि ‘तालिबान आंदोलन' अफगान समाज का हिस्सा है और सभी राजनीतिक, जातीय और धार्मिक समूहों की भागीदारी के बिना अफगानिस्तान में संघर्ष का कोई भी टिकाऊ समाधान नहीं होगा। विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ दोनों देशों के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर सघन चर्चा के बाद लावरोव ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह टिप्पणी की।

जयशंकर ने कहा कि अफगानिस्तान में जो भी होता है उससे देश की सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है और किसी भी राजनीतिक समाधान का मकसद ‘‘स्वतंत्र, संप्रभु, एकजुट और लोकतांत्रिक अफगानिस्तान'' होना चाहिए। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि लावरोव के साथ बातचीत में अफगानिस्तान को लेकर चल रहे विभिन्न घटनाक्रमों पर भी चर्चा हुई। लावरोव ने कहा कि शांति प्रक्रिया से किसी भी समूह के बाहर रहने से टिकाऊ समझौता नहीं हो पाएगा।

लावरोव ने रूसी भाषा में कहा, ‘‘तालिबान आंदोलन अफगान समाज का हिस्सा है और अफगानिस्तान में समाधान के लिए किसी भी फैसले में सभी राजनीतिक, जातीय और धार्मिक समूहों की भागीदारी अवश्य होनी चाहिए।'' उन्होंने कहा, ‘‘अन्यथा यह (समाधान) टिकाऊ नहीं होगा। राजनीतिक, जातीय और धार्मिक हितों के संतुलन के आधार पर यह निर्णय होना चाहिए।''

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