Edited By Anil Kapoor,Updated: 15 May, 2026 07:18 AM

मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में गहराते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग का असर अब सीधे भारत के आम आदमी की जेब पर पड़ना शुरू हो गया है। आज यानी 15 मई की सुबह जब लोगों की आंख खुली, तो तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों...
Petrol Diesel Price Hike: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में गहराते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग का असर अब सीधे भारत के आम आदमी की जेब पर पड़ना शुरू हो गया है। आज यानी 15 मई की सुबह जब लोगों की आंख खुली, तो तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में बड़ा इजाफा कर जनता को तगड़ा झटका दिया।
देशभर के प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतों में ₹3.00 से लेकर ₹3.60 प्रति लीटर तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जानकारों का मानना है कि वैश्विक अस्थिरता के चलते आने वाले दिनों में यह बोझ और बढ़ सकता है।
दिल्ली से कोलकाता तक हाहाकार
आज सुबह जारी हुए नए रेट्स के मुताबिक, देश की राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल ₹3.00 महंगा हो गया है, जिसके बाद अब यहां ग्राहकों को एक लीटर के लिए ₹97.77 चुकाने होंगे।
सबसे बुरा हाल कोलकाता में देखने को मिला, जहां तेल की कीमतों में ₹3.29 की सबसे बड़ी वृद्धि हुई है। यहां पेट्रोल अब ₹108.74 के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, मायानगरी मुंबई और चेन्नई में भी राहत नहीं है; दोनों शहरों में ₹3.10 के इजाफे के साथ कीमतें क्रमशः ₹106.64 और ₹103.90 प्रति लीटर हो गई हैं।
दक्षिण भारत के प्रमुख केंद्र बेंगलुरु में भी पेट्रोल के दाम ₹3.21 बढ़कर ₹106.17 के आंकड़े को छू चुके हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
ईंधन की कीमतों में इस अचानक उछाल की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट संकट के कारण सप्लाई चेन में आई बाधा को माना जा रहा है। कच्चा तेल (Crude Oil) महंगा होने की वजह से घरेलू तेल कंपनियों ने इस बढ़े हुए बोझ को उपभोक्ताओं पर डालना शुरू कर दिया है। 15 मई से लागू हुए इन दामों ने आम जनता के घर का बजट बिगाड़ दिया है, खासकर उन लोगों के लिए जो रोजाना लंबी दूरी का सफर तय करते हैं।