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राजस्थान विधानसभा चुनाव: सत्ता विरोधी माहौल से उड़े BJP के नेताओं के होश

राजस्थान विधानसभा चुनाव: सत्ता विरोधी माहौल से उड़े BJP के नेताओं के होश

बीकानेर(अभिषेक शर्मा): राजस्थान विधानसभा चुनाव में अब दो दिन रह गए हैं। वहीं सत्ता विरोधी लहर के अंदेशे से भाजपा नेताओं के होश उड़े हुए हैं। ऊपर से हर पांच साल में सत्ता के बदलाव की परंपरा ने भी पार्टी के प्रबंधकों की चिंता बढ़ा रखी है। इस वजह से अंतिम दौर में केंद्रीय नेताओं के ताबड़तोड़ दौरे कराकर कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश की जा रही है। ये बात दीगर है कि स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के मनमुटाव पर ध्यान नहीं है। 

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सातों सीटों पर दिख रहा है सत्ता विरोधी माहौल का असर
बीकानेर जिले की सातों सीटों पर सत्ता विरोधी माहौल का असर दिख रहा है। यहां आने वाले हर केंद्रीय नेता ने अपनी रिपोर्ट में इसपर चिंता जताई है। इसका असर ये हुआ कि पहले भेजे गए दूसरी लाइन के नेताओं को पीछे हटाकर अब केंद्रीय नेताओं की पूरी फौज उतार दी गई है। इस बार धनबल और सत्ताबल का खूब इस्तेमाल किया जा रहा है। संगठन के नेताओं के स्थान पर उद्योगपतियों और धनिकों ने कमान संभाल ली है। वे हर प्रकार से प्रलोभन देकर बीकानेर पूर्व और पश्चिम में कार्यकर्ताओं को जोडऩे का प्रयास कर रहे हैं। 

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बीकानेर पूर्व में बागी 
बीकानेर पूर्व से भाजपा के बागी युधिष्ठिर सिंह जैसे-जैसे अपना प्रचार तेज कर रहे हैं, वैसे ही भाजपा नेताओं में बेचैनी बढ़ रही है। हालांकि वह खुद कोई बड़ा उलटफेर करने की स्थिति में नहीं दिख रहे हैं, लेकिन उनके खड़े होना ही पार्टी के लिए भीतरघात का बड़ा कारण बन सकता है। नगर विकास न्यास अध्यक्ष महावीर रांका भी युधिष्ठिर सिंह पर बैठने का दबाव बना रहे हैं, लेकिन वह किसी की सुनने को तैयार नहीं।

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बीकानेर पश्चिम से नहीं मिला प्रत्याशी
बीकानेर में भाजपा की मुश्किलें जुदा हैं। पश्चिम से टिकट मांगने वाले सभी दावेदार चुनाव प्रचार से खुद को अलग किए हुए हैं। उनका कहना है कि जब विधायक ने खुद ही चुनाव लडऩे की अनिच्छा जताई तो जबरदस्ती उन्हें क्यों उतारा गया है। उनका स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण वे अब अपने बेटे व पोते पर ही निर्भर हैं, पार्टी के अधिकतर कार्यकर्ता उनका साथ नहीं दे रहे।

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