Edited By Ramkesh,Updated: 13 Jun, 2026 07:53 PM

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर रामपुर कारखाना निर्वाचन क्षेत्र के विधायक सुरेन्द्र चौरसिया शनिवार को सुरौली गांव पहुंचे और अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान जान गंवाने वाले शिवानंद चौरसिया के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें...
नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर रामपुर कारखाना निर्वाचन क्षेत्र के विधायक सुरेन्द्र चौरसिया शनिवार को सुरौली गांव पहुंचे और अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान जान गंवाने वाले शिवानंद चौरसिया के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी एवं हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। इससे पहले भाजपा गोरखपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय तथा भाजपा जिलाध्यक्ष काली प्रसाद ने भी परिवार से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की।
परिजनों को सांत्वना दी
इनके अलावा पूर्व विधायक एवं सपा नेता अनुग्रह नारायण सिंह उर्फ खोखा सिंह ने परिजनों को सांत्वना दी। भाजपा नेताओं ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा संगठन उनके साथ खड़ा है। उन्होंने परिजनों से घटना की जानकारी ली और उनकी समस्याओं को सुना। भाजपा नेताओं ने भरोसा दिलाया कि शासन-प्रशासन और संगठन स्तर पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। राय ने शिवानंद चौरसिया की असमय मृत्यु को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि पार्टी परिवार की हर संभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है।
वाणिज्यिक जहाज़ों पर हुए हमले में शिवानंद की हुई मौत
प्रसाद ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से शोक संप्तत परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता हर परिस्थिति में परिवार के साथ खड़े रहेंगे। इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। परिवार के सदस्यों और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, 10 जून को ओमान तट के पास वाणिज्यिक जहाज़ों पर हुए हमले में इस टैंकर को निशाना बनाया गया था।
मृतक के परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं
टैंकर पर चालक दल के 24 भारतीय सदस्य सवार थे। उनमें 21 को तो बचा लिया गया, लेकिन शिवानंद समेत तीन लोग लापता हो गए। बाद में उनके शव बृहस्पतिवार को बरामद किए गए। शिवानंद की मौत की ख़बर से सुरौली गांव में शोक की लहर दौड़ गई। उनके पिता राम जी चौरसिया ने पहले बताया था कि शिपिंग कंपनी में शामिल होने से पहले शिवानंद लगभग आठ महीने पहले मुंबई चले गए थे। शिवानंद के परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं।