चीनी कंपनी के डंपिंग रोधी शुल्क से बचने के कथित मामले की जांच कर रहा डीजीटीआर

Edited By PTI News Agency,Updated: 22 Sep, 2020 11:01 PM

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नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) वाणिज्य मंत्रालय की जांच इकाई व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) ने चीन से आयात की जाने वाली मापन टेप पर लगाये गये डंपिंग रोधी शुल्क से बचने को लेकर कथित रूप से की जा रही गड़बड़ियों की जांच शुरू की है।

नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) वाणिज्य मंत्रालय की जांच इकाई व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) ने चीन से आयात की जाने वाली मापन टेप पर लगाये गये डंपिंग रोधी शुल्क से बचने को लेकर कथित रूप से की जा रही गड़बड़ियों की जांच शुरू की है।

वित्त मंत्रालय ने इस उत्पाद पर डंपिंग रोधी शुल्क जुलाई 2025 तक लगाया हुआ है।

डीजीटीआर की अधिसूचना के अनुसार एफएमआई लि. ने डीजीटीआर के समक्ष आवेदन देकर कंपनियों के कथित तौर पर डंपिंग रोधी शुल्क से बचने में धांधली का आरोप लगाया है। कंपनी का कहना है कि मापन कार्य टेप के चीन से आयात पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाया गया था। इससे बचने के लिये चीनी कंपनियां अब सिंगापुर और कंबोडिया से इन टेपों का निर्यात कर रही हैं।

अधिसूचना के अनुसार आवेदनकर्ता द्वारा उपलब्ध कराये गये सबूतों के आधार पर डंपिंग रोधी शुल्क मामले में को जा रही गड़बड़ियों की जांच शुरू की गयी है।

जब कोई देश या कंपनी घरेलू बाजार की तुलना में कम दाम पर वस्तुएं निर्यात करती हैं, उसे डंपिंग कहा जाता है। डंपिंग से आयातक देश की कंपनियों पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इससे निपटने के लिये सरकार डंपिंग रोधी शुल्क लगाती है।


यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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