राज्यों को कोयला आयात के बिजली मंत्रालय के निर्देश पर प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की अपील

Edited By PTI News Agency,Updated: 27 Jul, 2022 10:04 AM

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नयी दिल्ली, 26 जुलाई (भाषा) बिजली क्षेत्र में काम करने वाले इंजीनियरों के संगठन एआईपीईएफ ने बिजली मंत्रालय के राज्यों को तापीय विद्युत संयंत्रों के लिए कोयले के आयात में तेजी लाने के निर्देश को वापस लेने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से...

नयी दिल्ली, 26 जुलाई (भाषा) बिजली क्षेत्र में काम करने वाले इंजीनियरों के संगठन एआईपीईएफ ने बिजली मंत्रालय के राज्यों को तापीय विद्युत संयंत्रों के लिए कोयले के आयात में तेजी लाने के निर्देश को वापस लेने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप का आग्रह किया है।
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) ने एक बयान में कहा कि संगठन ने प्रधानमंत्री को भेजे गए एक पत्र में कहा है कि बिजली मंत्रालय को राज्यों/राज्यों की बिजली उत्पादक कंपनियों को दिए अपने निर्देश वापस लेने को कहा जाना चाहिए। राज्यों एवं राज्यों की बिजली उत्पादक कंपनियों पर इस बात के लिए दबाव डाला गया है कि वे कोयला आयात की प्रक्रिया में तेजी लायें जिसकी कोई आवश्यकता नहीं है।
एआईपीईएफ ने कहा कि 25 जुलाई को संसद में कोयला मंत्रालय के जवाब के मद्देनजर यह आयात जरूरी नहीं है।

ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के अध्यक्ष शैलेन्द्र दुबे ने प्रधानमंत्री को एक पत्र भेजकर प्रभावी हस्तक्षेप करने की अपील की है जिससे केंद्रीय विद्युत मंत्रालय द्वारा राज्यों के बिजलीघरों को 10 प्रतिशत कोयला आयात करने के लिए जारी किए गए सभी निर्देश तत्काल निरस्त किये जा सकें। फेडरेशन ने प्रधानमंत्री को यह पत्र केंद्रीय कोयला मंत्री द्वारा 25 जुलाई को राज्यसभा में दिए गए एक लिखित उत्तर के बाद लिखा है जिसमे कोयला मंत्री ने कहा है कि देश में कोयले की कोई कमी नहीं है और पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष कोयले का उत्पादन 31 प्रतिशत बढ़ा है।

एआईपीईएफ ने कहा कि बिजली मंत्रालय के निदेर्शो के परिप्रेक्ष्य में आयातित कोयले की अतिरिक्त लागत का बोझ विद्युत मंत्रालय को वहन करना चाहिये।
उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में लिखा है कि सात दिसंबर, 2021 को केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने 10 प्रतिशत कोयला आयात करने का फैसला किया क्योंकि घरेलू आपूर्ति पर्याप्त नहीं है। इसके बाद 28 अप्रैल, 2022 को केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने राज्यों को कोयला आयात हेतु एक समयबद्ध निर्देश दिया कि कोयला आयात तुरंत प्रारंभ किया जाए और इसकी मात्रा का 30 जून तक 50 प्रतिशत, 31 अगस्त तक 40 प्रतिशत और 31 अक्टूबर तक शेष 10 प्रतिशत कोयला आयात करना सुनिश्चित किया जाये। इस निर्देश में यह भी लिखा गया कि जो राज्य 15 जून, 2022 तक कोयला आयात करना शुरू नहीं करेंगे इनका घरेलू कोयले का आवंटन पांच प्रतिशत कम कर दिया जायेगा।

पत्र में कहा गया है, ‘‘बिजली मंत्रालय द्वारा प्रशासनिक दबाव के तहत अधिकांश राज्य बिजली उत्पादक कंपनियों, ताप विद्युत केन्द्रों के साथ-साथ केंद्रीय क्षेत्र के तापविद्युत केन्द्रों को कोयले के आयात के लिए सहमति देने के लिए मजबूर किया गया था।’’


यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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