विदेशों में तेजी से बीते सप्ताह खाद्य तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

Edited By PTI News Agency,Updated: 31 Jul, 2022 12:55 PM

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नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) बीते सप्ताह मलेशिया में बाजार मजबूत होने के कारण देशभर के तेल-तिलहन बाजारों में सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल-तिलहन तथा बिनौला, कच्चा पामतेल (सीपीओ), पामोलीन तेल कीमतों में लाभ दर्ज हुआ। बाकी तेल-तिलहनों के भाव...

नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) बीते सप्ताह मलेशिया में बाजार मजबूत होने के कारण देशभर के तेल-तिलहन बाजारों में सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल-तिलहन तथा बिनौला, कच्चा पामतेल (सीपीओ), पामोलीन तेल कीमतों में लाभ दर्ज हुआ। बाकी तेल-तिलहनों के भाव अपरिवर्तित रहे।
बाजार सूत्रों ने बताया कि बीते सप्ताह मलेशिया में खाद्य तेलों के भाव लगभग 100 डॉलर मजबूत हुए हैं। इस बीच, सरकार ने समीक्षधीन सप्ताहांत में आयात शुल्क मूल्य में पाक्षिक कटौती की है। इस कटौती के तहत पामोलीन के आयात शुल्क में 307 रुपये प्रति क्विंटल की भारी कमी की गई है जबकि सोयाबीन डीगम में 69 रुपये प्रति क्विंटल की और कच्चे पाम तेल (सीपीओ) के आयात शुल्क मूल्य में 47 रुपये प्रति क्विंटल की कमी की गई है।
इस कटौती के बाद जिस सोयाबीन तेल का दाम पहले सीपीओ से लगभग 50 डॉलर अधिक हुआ करता था, वह अंतर अब बढ़कर 310 डॉलर हो गया है। वर्ष 2010 के बाद एक सप्ताह के अंदर सोयाबीन दाने के भाव पहले कभी इतनी तेजी से बढ़ते नहीं देखे गये हैं। इससे विश्व में सीपीओ और पामोलीन की मांग बढ़ेगी क्योंकि सोयाबीन की तुलना में ये काफी सस्ते होंगे।
मलेशिया में सीपीओ और पामोलीन लगभग बराबर भाव पर हैं क्योंकि सीपीओ तेल पर निर्यात शुल्क लगाया जाता है जबकि पामोलीन पर निर्यात शुल्क नहीं के बराबर है।
सूत्रों ने कहा कि सीपीओ और पामोलीन के मुकाबले प्रति टन सोयाबीन डीगम का भाव 300 डॉलर महंगा होने से सीपीओ और पामोलीन के आयात में इजाफा होगा। इससे स्थानीय तेल प्रसंस्करण उद्योग प्रभावित होंगे क्योंकि उनका कामकाज ठप पड़ सकता है।
सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन तेल-तिलहन के दाम तो पहले ही मजबूत हैं और सीपीओ का जो दाम लगभग दो महीने पहले 2,050 डॉलर प्रति टन था वह घटकर लगभग 1,030 डॉलर प्रति टन रह गया था। यह अब फिर बढ़कर 1,150 डॉलर प्रति टन हुआ है। आधे दाम रह जाने के बाद सीपीओ में सुधार आया है। मलेशिया एक्सचेंज के मजबूत रहने से सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में भी समीक्षाधीन सप्ताह में सुधार को मदद मिली।
सूत्रों ने कहा कि आयात शुल्क में छूट दिये जाने के बाद सोयाबीन डीगम का भाव लगभग छह रुपये किलो सस्ता होना चाहिए था लेकिन कांडला बंदरगाह पर थोक बिक्री मूल्य में शुल्क अदायगी वाले सोयाबीन डीगम और बगैर शुल्क वाले डीगम तेल में अंतर सिर्फ दो रुपये प्रति किलो का ही है। जबकि शुल्क-मुक्त होने के बाद यह अंतर छह रुपये किलो का आना चाहिये था। सरकार की रियायतों का लाभ न तो उपभोक्ता को मिल रहा है, न किसानों को और न ही तेल उद्योग को।
ऐसे में आयात शुल्क में कमी करने से सिर्फ सरकार को राजस्व की ही हानि है।
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान नमकीन बनाने वाली कंपनियों की मांग होने से मूंगफली तेल- तिलहन के साथ-साथ बिनौला तेल कीमतों में भी सुधार आया।
सूत्रों ने कहा कि मंडियों में सरसों की आवक निरंतर घट रही है तथा बरसात के मौसम में इस तेल की मांग बढ़ रही है जिससे सरसों तेल-तिलहन में भी सुधार है। पिछले साल के मुकाबले सरसों तेल लगभग 30 रुपये किलो सस्ता है।
तेल-तिलहन उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किये जाने की आवश्यकता है। किसानों को उनकी उपज का लाभकारी दाम दिये जाने से वे उत्पादन बढ़ाने को प्रेरित होंगे।
सूत्रों ने बताया कि पिछले सप्ताहांत के मुकाबले बीते सप्ताह सरसों दाने का भाव 170 रुपये सुधरकर 7,290-7,340 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। सरसों दादरी तेल समीक्षाधीन सप्ताहांत में 600 रुपये के सुधार के साथ 14,800 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। वहीं सरसों पक्की घानी और कच्ची घानी तेल की कीमतें भी क्रमश: 90-90 रुपये सुधरकर क्रमश: 2,340-2,420 रुपये और 2,370-2,485 रुपये टिन (15 किलो) पर बंद हुईं।
सूत्रों ने कहा कि वैश्विक बाजारों में दाम मजबूत होने के कारण समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन दाने और लूज के थोक भाव क्रमश: 225 रुपये और 200 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 6,450-6,525 रुपये और 6,225-6,300 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए।
समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन तेल कीमतों में भी सुधार रहा। सोयाबीन दिल्ली का थोक भाव 500 रुपये लाभ के साथ 13,600 रुपये, सोयाबीन इंदौर का भाव 450 रुपये बढ़कर 13,300 रुपये और सोयाबीन डीगम का भाव 650 रुपये सुधरकर 12,250 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
नमकीन बनाने वाली कंपनियों और गुजरात में बिनौले का कारोबार बंद होने के बाद मूंगफली की मांग बढ़ने से बिनौला तेल और मूंगफली तेल-तिलहन मजबूत हुए। समीक्षाधीन सप्ताहांत में मूंगफली तिलहन का भाव 100 रुपये बढ़कर 6,895-7,020 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। पूर्व सप्ताहांत के बंद भाव के मुकाबले समीक्षाधीन सप्ताह में मूंगफली तेल गुजरात 120 रुपये की मजबूती के साथ 16,120 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ जबकि मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड का भाव 20 रुपये की मजबूती के साथ 2,690-2,880 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ।
समीक्षाधीन सप्ताह में कच्चे पाम तेल (सीपीओ) का भाव 500 रुपये बढ़कर 11,500 रुपये क्विंटल हो गया। जबकि पामोलीन दिल्ली का भाव 700 रुपये बढ़कर 13,450 रुपये और पामोलीन कांडला का भाव 750 रुपये बढ़कर 12,350 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।


यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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