केरल कांग्रेस ने गिफ्ट सिटी एक्सचेंज के माध्यम से जीरो शुल्क पर चांदी आयात करने पर उठाए सवाल

Edited By Mahima,Updated: 10 Jul, 2024 08:59 AM

kerala congress raises questions on import of silver at zero duty

केरल कांग्रेस ने दुबई से गिफ्ट सिटी एक्सचेंज के माध्यम से जीरो शुल्क पर चांदी आयात करने के मामले पर सवाल उठाए हैं। केरल कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि हमें  गिफ्ट सिटी एक्सचेंज के माध्यम से जीरो शुल्क पर चांदी...

नेशनल डेस्क: केरल कांग्रेस ने दुबई से गिफ्ट सिटी एक्सचेंज के माध्यम से जीरो शुल्क पर चांदी आयात करने के मामले पर सवाल उठाए हैं। केरल कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि हमें  गिफ्ट सिटी एक्सचेंज के माध्यम से जीरो शुल्क पर चांदी आयात करने को लेकर दो बातों को ध्यान में रखना चाहिए। पहली यह कि चांदी का भारी मात्रा में इस्तेमाल सोलर पैनल के निर्माण में होता है और एक मैगावाट के सोलर पैनल में करीब 25 किलोग्राम चांदी का इस्तेमाल किया जाता है।

कांग्रेस ने पोस्ट में लिखा कि दूसरी अहम बात यह है कि अडानी ग्रुप के पास 4 गिगावॉट सोलर पैनल लगाने का प्रोजेक्ट है। जाहिर है कि केरल कांग्रेस ने सीधे तौर पर आरोप न लगाते हुए यह इशारा किया है कि सरकार ने  चांदी आयात पर जीरो शुल्क का प्रावधान निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए किया है। केरल कांग्रेस ने अपनी पोस्ट में अखबार की एक रिपोर्ट का भी हवाला दिया है।

कुछ बैंकों ने भी आयात पर जताई थी आपत्ति
थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव ( जी.टी.आर.आई.) के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि कि इससे पहले कुछ बैंकों द्वारा अन्य बंदरगाहों के माध्यम से यू.ए.ई. से चांदी आयात करने के प्रयासों पर भारत-यू.ए.ई. मुक्त व्यापार सौदे के मूल नियमों को पूरा नहीं करने के लिए भी सवाल उठाए गए थे।

निजी व्यापारियों को भी अनुमति देता है गिफ्ट सिटी एक्सचेंज
भारत चांदी पर 15 फीसदी आयात शुल्क लगाता है और केवल भारतीय रिजर्व बैंक (आर.बी.आई.) और विदेश व्यापार महानिदेशालय (डी.जी.एफ.टी.) द्वारा नामित संस्थानों को ही कीमती धातु का आयात करने की अनुमति देता है। हालांकि गिफ्ट सिटी एक्सचेंज आर.बी.आई./डी.जी.एफ.टी. जैसी नामित एजेंसियों तक आयात को सीमित नहीं करता है, बल्कि निजी व्यापारियों को पंजीकृत करता है।

6,700 करोड़ के राजस्व नुकसान का अंदेशा
वर्ष 2022 में हस्ताक्षरित भारत-यू.ए.ई. सी.ई.पी.ए. के तहत, 10 वर्षों में चांदी के आयात पर शुल्क घटाकर 0% कर दिया जाएगा, बशर्ते दुबई के निर्यातक मूल के नियमों का पालन करें। जी.टी.आर.आई. ने चेतावनी दी है कि इससे 6,700 करोड़ रुपए के राजस्व नुकसान हो सकता है, क्योंकि टैरिफ आर्बिट्रेज के कारण सभी चांदी का आयात यू.ए.ई. से होने की संभावना है। हालांकि केरल कांग्रेस इस रिपोर्ट के आधार पर यह इशारा कर रही है कि यह समझौता सरकार ने निजी खिलाड़ियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया है।

210% बढ़ा सोने-चांदी का आयात
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का यूएई से कुल आयात वित्त वर्ष 2022-23 में 53.2 अरब अमरीकी डॉलर से 9.8 प्रतिशत घटकर वित्त वर्ष 2023-24 में 48 अरब अमरीकी डॉलर हो गया। जबकि सोने तथा चांदी का आयात 210 प्रतिशत बढ़कर 3.5 अरब अमरीकी डॉलर से 10.7 अरब अमरीकी डॉलर हो गया। शेष सभी उत्पादों का आयात वित्त वर्ष 2022-23 में 49.7 अरब अमरीकी डॉलर से 25 प्रतिशत घटकर वित्त वर्ष 2023-24 में 37.3 अरब अमरीकी डॉलर हो गया। मई में भारत के वैश्विक चांदी के आयात का 87% दुबई से 8% कम शुल्क पर हुआ है और गांधीनगर में गिफ्ट सिटी एक्सचेंज के माध्यम से क्लियर किया गया है। दिसंबर 2023 से यू.ए.ई. से सभी चांदी के आयात को क्लियर कर रहा है। अन्य देशों और बंदरगाहों से आयात लगभग बंद हो गया है।

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