दो फरवरी या उससे पहले बजट पेश करने का इच्छुक वित्त मंत्रालय

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Thursday, October 06, 2016-8:35 PM

नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय आम बजट को दो फरवरी या उससे पहले पेश करने का इच्छुक है। मंत्रालय ने गुरुवार को एक संसदीय समिति को इस प्रस्तावित बदलाव तथा सरकार के रेल बजट को आम बजट में मिलाने के फैसले के बारे में ब्योरा दिया। सूत्रों ने कहा कि वित्त पर संसद की स्थायी समिति के सदस्यों को बजट में किए जा रहे प्रस्तावित सुधारों की जानकारी देते हुए वित्त सचिव अशोक लवासा ने विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। अभी तक आम बजट फरवरी महीने के आखिरी दिन पेश  करने की परंपरा रही है।


आम बजट 30 जनवरी से 2 फरवरी तक
सूत्रों ने बताया कि लवासा ने सदस्यों को रेल बजट को आम बजट में मिलाने के नफे-नुकसान के बारे मेंं जानकारी दी। कुछ सदस्यों ने रेलवे को उसके सार्वजनिक उपक्रमों से मिले लाभांश के बारे में सवाल पूछे। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन 21 अक्टूबर को वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली की अगुवाई वाली समिति को विभिन्न चीजों की जानकारी देंगे। सूत्रों का कहना है वित्त मंत्रालय आम बजट 30 जनवरी से 2 फरवरी के बीच पेश करना चाहता है, जिससे कि पूरी प्रक्रिया को 31 मार्च तक संपन्न किया जा सके। 


बजट प्रक्रिया को चाहिए 8-9 सप्ताह का समय
मंत्रालय ने कहा कि बजट पेश करने की तारीख को पहले करना इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को नए वित्त वर्ष 1 अप्रैल, 2017 से क्रियान्वित किया जाना है। सरकार को संसद में बजट प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 8-9 सप्ताह का समय चाहिए। सरकार की योजना बजट को 2 फरवरी तक पेश करने की है।


10 फरवरी के बाद होगा रिसेस
इसके बाद 10 फरवरी से संसद में ‘रिसेस’ होगा और संसद की बैठक 10 मार्च के आसपास फिर शुरू होगी। इसके बाद संसद के पास बजट और वित्त विधेयक पर विचार करने और पारित करने के लिए वित्त वर्ष के अंतिम दिन 31 मार्च तक का समय होगा।


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