अमेरिका ने की 'विक्रमादित्य' की रूस में जासूसी

  • अमेरिका ने की 'विक्रमादित्य' की रूस में जासूसी
You Are HereAmerica
Tuesday, November 19, 2013-1:52 PM

नई दिल्ली: भारतीय नौसेना में शामिल होने के लिए हाल में रूस से रवाना किए गए युद्धविमान वाहक जहाज आईएनएस विक्रमादित्य की अमेरिकी नेतृत्व वाली नाटो सेनाओं ने जासूसी की थी। यह वाकया एक साल पहले हुआ था, जब रूसी समुद्र तट पर विक्रमादित्य का ट्रायल हो रहा था। हालांकि नाटो की यह जासूसी कैमरे में कैद हो गई और इस मामले को राजनयिक स्तर पर भी उठाया गया।

पिछले साल गर्मियों के मौसम में अमेरिकी जासूसी जहाज ने विक्रमादित्य के डेक के नजदीक आकर इसके चारों तरफ उड़ान भरी। इन उड़ानों का मकसद था, जहाज के बारे में संवेदनशील जानकारी इकट्ठा करना। जहाज जैसे ही निगरानी तंत्र की नजर में आया, तभी रूस की नौसेना ने अपने लड़ाकू विमान एमआईजी 29 के को इसके पीछे लगा दिया, जबकि अमेरिकी जहाज मौके से नौ दो ग्यारह हो गया।

अपने काम को पुख्ता तौर पर अंजाम देने के लिए जासूसी के लिए आए अमेरिकी जहाज ने दो सेंसर भी विक्रमादित्य के रास्ते पर गिराए, ताकि इसकी गति और दूसरे पहलुओं का आकलन किया जा सके। रूस की सरकार ने इस घटना के बाद मास्को स्थित अमेरिकी दूतावास और नाटो मुख्यालय को जासूसी उपकरणों और विमान की तस्वीरें भी भेजीं, लेकिन अब तक उनका कोई जवाब नहीं आया है। भारतीय नौसेना ने भी इस घटना की पुष्टि की है।

 

अपना सही जीवनसंगी चुनिए| केवल भारत मैट्रिमोनी पर- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन

Recommended For You