भाजपा ने उठाए जांच आयोग के कार्यकाल बढ़ाने पर सवाल

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Friday, November 15, 2013-3:45 PM

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि मुजफ्फरनगर दंगों की असलियत लोकसभा चुनाव से पहले सामने नही आने देने के लिए ही अखिलेश यादव सरकार ने सहाय आयोग का कार्यकाल छह महीने बढ़ा दिया है। भाजपा का मानना है कि सपा सरकार ने दंगों के पीछे के षडयंत्र और अपनी कमियों को छिपाने के लिए सहाय आयोग का कार्यकाल बढ़ाया है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि यह सभी जानते हैं कि दंगे प्रशासनिक चूक और सरकार की लापरवाही से हुए थे। इन कमियों को लोकसभा चुनाव तक आम जनता के सामने नही आने देने के लिए ही सरकार ने आयोग का कार्यकाल बढा दिया है।

पाठक ने कहा कि आयोग की रिपोर्ट आने तक लोकसभा चुनाव के सम्बंध में अधिसूचनाएं जारी होना शुरु हो जायेगी। सरकार को बताना चाहिए कि किन परिस्थितियों में आयोग का कार्यकाल बढ़ाना पड़ा है। सरकार ने आयोग को दंगे की जांच के लिए दो महीने का समय दिया था। इसका कार्यकाल कल ही बढ़ाया गया है। दंगों के दौरान 63 लोगों की मृत्यु और 50 हजार से अधिक लोगों के बेघर होने पर सरकार ने इसकी जांच के लिए गत 10 सितम्बर को आयोग का गठन किया था। दंगों की शुरुआत 27 अगस्त से कवाल गांव के एक छोटी सी घटना से हुई थी। सूत्रों के अनुसार आयोग ने हिंसा प्रभावित मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली, मेरठ और सहारनपुर जिलों का दौरा कर करीब 350 लोगों के लिखित बयान दर्ज किए।


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