आज से आम लोगों के लिए खुलेगा ट्रेड फेयर

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Tuesday, November 19, 2013-2:53 PM

नई दिल्ली (निहाल सिंह/मनीष राणा) : आज से  ट्रेड फेयर के दरवाजे  आम लोगों के लिए खुल जाएंगे जिससे अब मेले में भीड़़ बढ़ जाएगी। व्यापारिक वर्ग के लिए आरक्षित शुरूआती 5 दिनों के अंतिम दिन सोमवार को सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिली। सोमवार को लगभग 80 हजार लोग मेला देखने पहुंचे। साथ ही बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने मेले में पहुंचकर मेले का खूब आनंद उठाया।

व्यापारिक वर्ग के लिए आरक्षित दिनों में सोमवार को शुरूआती 4 दिनों के मुकाबले सबसे अधिक भीड़ रही। सुबह से ही दर्शकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। जैसे-जैसे शाम होती गई मेले में भीड़ बढ़ती गई। बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों के मेले में पहुंचने से जहां भीड़ बढ़ गई, तो रौनक भी अन्य दिनों के मुकाबले ज्यादा रही। यह स्कूली बच्चें एन.डी.एम.ए द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आए थे। इसके साथ ही 50 हजार से ज्यादा दर्शक विभिन्न पवेलियनों और राज्यों द्वारा निमंत्रण पत्र के सहारे पहुंचे।

मेला आयोजक आई.टी.पी.ओ के अधिकारियों के अनुसार सोमवार को करीब पौन 5 हजार दर्शक टिकटों के सहारे मेले में आए। जी.एम  बी. मीरा के अनुसार सोमवार को मेले में करीब 55 हजार हजार लोग पहुंचे। वहीं दूसरी तरफ डी.सी.पी., प्रगति मैदान डी.के. गुप्ता के अनुसार सोमवार को लगभब 80 हजार से अधिक  दर्शक पहुंचे। वहीं मंगलवार से आम लोगों के लिए मेले में एंट्री खुलने से भीड़ और बढ़ जाएगी।

४.५ लाख के बालाजी:

ट्रेड फेयर में लगे अलग-अलग प्रदेशों के पवेलियनों की अपनी अपनी खासियत है। आंध्र प्रदेश के पवेलियन में हाथ से बने लकड़ी की  मूर्तियां लोगों को अपनी ओर आकर्षित  करती हैं।

आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले से आए वुडन कारविंग्स के वेंकटेश ने बताया कि उनके यहां नीम, आम, जंगल की लकड़ी से बनी मूर्तियां हैं। वह भगवान की मूर्तियां बनाने के साथ ही हाथी-घोड़े आदि की मूर्तियां भी बनाते हैं। उनके स्टॉल पर 3 सौ रुपए से लेकर साढ़े 4 लाख रुपए तक की मूर्तियां। सभी मूर्तियां हाथ से बनाई जाती हैं और बाद में उन पर पॉलिश की जाती है। पॉलिश करने के बाद मूर्तियों  पर पेंट किया जाता है। मूर्ति निर्माण में किसी भी तरह की मशीनरी का प्रयोग नहीं किया जाता है।

नौ फुट ऊंची बाला जी भगवान की  मूर्ति की कीमत साढ़े 4 लाख रुपए है। उन्होंने बताया कि यदि इस मूर्ति को केवल एक ही व्यक्ति बनाता, तो उसे 6 माह का समय लगता। गणेश जी की मूर्ति की कीमत साढ़े 3 लाख रुपए है, जो करीब 7 फुट ऊंची है। ऐसा नहीं है कि उनके पास सारी मूर्तियां महंगी ही है, छोटी मूर्तियों की शुरूआत 3 सौ रुपए से हो रही है। 

हुड्डा पहुंचे हरियाणा दर्शन के स्टाल में

हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने प्रगति मैदान में चल रहे भारत अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-2013 में हरियाणा मण्डप का अवलोकन किया। उन्होंने मेले के इस वर्ष के थीम समावेशी विकास के अनुरूप हरियाणा मण्डप में विभिन्न विभागों, निगमों और बोर्डों की उपलब्धियों तथा गतिविधियों की शानदार प्रस्तुति की सराहना की। हुड्डा ने हरियाणा मण्डप के सभी तलों का दौरा किया और वहां प्रदर्शित विभिन्न उत्पादों तथा वस्तुओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।

हुड्डा ने मण्डप में प्रदर्शित घरेलू उपयोग की वस्तुओं में भी विशेष रूप से रूचि ली।  उन्होंने मण्डप में प्रदर्शत मॉड्यूलर फर्नीचर उत्पादों को भी देखा। हुड्डा ने मण्डप में प्रदर्शित बिजली उत्पादन से सम्बंधित सौर उर्जा प्रणाली के उपकरणों तथा सोलर वाटर हीटर के सम्बन्ध में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने ग्रामीण दस्तकारों  की शिल्पकृतियों की भी सराहना की। हुड्डा ने मण्डप में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के स्टाल पर प्रदर्शित राजीव गांधी एजूकेशन सिटी के माडल में विशेष दिलचस्पी दिखाई। उन्होंने मानव रचना अन्तर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के स्टाल पर प्रदर्शित अपने आप एक स्थान से वस्तु उठाकर दूसरे स्थान पर रखने वाले पिक एन प्लेस रोबोट की कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

 


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