2013 में सलमान, शाहरूख और संजय समेत कई सितारे उलझे कानूनी दांवपेंचों में

  • 2013 में सलमान, शाहरूख और संजय समेत कई सितारे उलझे कानूनी दांवपेंचों में
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Wednesday, January 01, 2014-6:20 AM

नई दिल्ली: वर्ष 2013 में भले ही बॉलीवुड ने सफलता के कई कीर्तिमान देखे हों लेकिन संजय दत्त को इस साल जेल जाना पड़ा वहीं सलमान खान, शाहरूख खान और गोविंदा जैसे कई सितारे इस बरस कानूनी दांवपेंचों में उलझे जबकि दिवंगत राजेश खन्ना, लता मंगेशकर और अदनान सामी के नाम के साथ संपत्ति के साथ विवाद जुड़े।

अभिनेता सलमान खान के खिलाफ 11 साल से चल रहे हिट एंड रन मामले में न्यायाधीश ने इस साल के शुरू में ‘‘गैर इरादतन हत्या’’ का आरोप जोड़ दिया। दोषी पाए जाने पर इसमें 10 साल की सजा का प्रावधान है।  सत्र अदालत ने 24 जुलाई को सलमान पर आरोप तय किए और 5 दिसंबर को व्यवस्था दी कि इस मामले की सुनवाई पुराने सबूतों से अलग, नए सिरे से होगी।

मुंबई में वर्ष 1993 में हुए श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोट मामले में उच्चतम न्यायालय ने अभिनेता संजय दत्त की दोषसिद्धी बरकरार रखी। संजय ने 42 माह की अपनी सजा काटने के लिए 16 मई को टाडा अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। उन्हें पुणे की यरवदा जेल भेज दिया गया। 20 साल पहले 18 माह की सजा काट चुके संजय को दो बार अस्थायी तौर पर पेरोल पर रिहा किया गया और आरोप लगा कि संजय के साथ विशेष व्यवहार किया जा रहा है।

अभिनेता शाहरूख खान सरोगेसी से जन्मे अपने तीसरे बच्चे के कथित लिंग परीक्षण के विवाद में उलझ गए। शाहरूख पर बच्चे का लिंग परीक्षण कराने का आरोप लगाते हुए एक कार्यकर्ता ने शिकायत दर्ज कराई और जांच के बाद स्थानीय निकाय ने शाहरूख को क्लीन चिट दे दी।

अभिनेता गोविंदा के खिलाफ संतोष राय नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2009 में गोविंदा ने उसे पीटा और धमकाया था। बंबई उच्च न्यायालय ने यह शिकायत खारिज कर दी और गोविंदा ने राहत की सांस ली। बंबई उच्च न्यायालय ने इस साल अभिनेत्री डिंपल कापडिय़ा के खिलाफ एक मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई पर रोक लगा दी। यह सुनवाई अनिता अडवानी नामक उस महिला की शिकायत पर होनी थी जिसने दिवंगत सुपर स्टार राजेश खन्ना की संपत्ति में से हिस्सा मांगते हुए दावा किया था कि वह राजेश खन्ना की लिव इन पार्टनर थी। अनिता ने मासिक गुजारा भत्ता भी मांगा है।

कोल्हापुर में सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर का एक प्लॉट है। महाराष्ट्र सरकार ने 1982 में इस प्लाट का स्वामित्व बदले जाने की मंजूरी दे दी थी लेकिन एक जनहित याचिका के जरिये राज्य सरकार के फैसले को चुनौती दी गई थी। बंबई उच्च न्यायालय ने इस साल 7 दिसंबर को जनहित याचिका खारिज कर दी।  27 नवंबर को उच्च न्यायालय में एक और याचिका दाखिल कर लता मंगेशकर ने उस नोटिस को चुनौती दी जो उन्हें 4 जनवरी को भूमि हदबंदी कानून के तहत जारी किया गया था।

नोटिस में कहा गया था कि लता को कोल्हापुर में अपनी जमीन पर कोई भी अचल संपत्ति बेचने से पहले अनुमति लेनी होगी। फलहाल यह मामला अदालत में है। इस बीच लता ने कोल्हापुर में अपने प्लॉट पर मौजूद जय प्रभा स्टूडियो को विरासत ढांचा घोषित करने के राज्य सरकार के आदेश को चुनौती देते हुए एक अन्य याचिका दाखिल की है। उच्च न्यायालय ने इस पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

 


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