भारत ने राजनयिक के खिलाफ आरोप वापस लेने का अमेरिका पर डाला जोर

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Saturday, January 11, 2014-8:19 PM

नई दिल्ली: भारत ने आज इस बात पर बल दिया कि अमेरिका को उसकी राजनयिक देवयानी खोबरागडे के खिलाफ वीजा धोखाधडी का आरोप वापस ले लेना चाहिए। अमेरिकी अधिकारियों द्वारा निष्कासित करने के बाद देवयानी यहां वापस लौट आई हैं। विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि देवयानी किसी गलत काम की दोषी नहीं है। देवयानी को न्यूयार्क में 12 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था और वह कल स्वदेश लौट आयी।

इस बीच, देवयानी ने खुर्शीद एव विदेश सचिव सुजाता सिंह से यहां मुलाकात की और अपनी आपबीती उन्हें सुनाई। साथ ही राजनयिक ने उनके सहयोग के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। भारत ने भी समान स्तर पर कार्रवाई करते हुए अमेरिकी दूतावास के राजनयिक सुरक्षा दल के प्रमुख एवं अमेरिकी राजनयिक व्याने मे को देश छोडऩे के लिए कहा है। वह देश से रवाना होने की तैयारी कर रहे हैं। भारत सरकार ने उन्हें ऐसा करने के लिए कल 48 घंटे का समय दिया था।

इस मुद्दे पर भारत के रूख का बचाव करते हुए खुर्शीद ने सीएनएन आईबीएन पर करन थापर के कार्यक्रम डेविल्स एडवोकेट में कहा कि भारत देवयानी के खिलाफ वीजा धोखाधडी के आरोपों को हटाने के लिए जोर देना जारी रखेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यहां अमेरिकी राजनयिकों को मिलने वाले विशेषाधिकारों को बहाल करने के बारे में फिर से विचार नहीं किया जा रहा है।

खुर्शीद ने दावा किया कि देवयानी किसी भी गलत काम की दोषी नहीं है, जैसा कि अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को संतुष्ट करने वाले स्तर तक चीजों को पूरी तरह से सुलझाया जायेगा। देवयानी प्रकरण को ‘‘लघु संकट’’ करार दते हुए विदेश मंत्री ने यहां अमेरिकी दूतावास परिसर के भीतर से चलायी जाने वाली वाणिज्यिक गतिविधियां रोकने एवं अतिरिक्त विशेषाधिकार वापस लेने के भारत के फैसले का स्वागत किया।

उन्होंने कहा, नहीं, यह कोई जवाबी कार्रवाई नहीं है। मुझे लगता है कि यह उपयुक्त प्रतिक्रिया है, जवाबी प्रतिक्रिया नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत को इस तरह से नहीं देखा जाना चाहिए कि वह एक देश को ज्यादा विशेषाधिकार दे रहा है और अन्य को कम। हमने वास्तव में वह किया है जो हर किसी पर लागू होने वाली औपचारिक प्रक्रिया है।

खुर्शीद ने कहा, यदि वे मित्र हैं, अतिरिक्त रियायतें ले रहे हैं तो उन्हें वे अतिरिक्त रियायतें समय समय पर विवेकाधिकार के तहत दी गयी होंगी। उन्होंने कहा, लेकिन जब आप इस बात का जायजा लेते हैं कि आप किसके हकदार हैं और आपके क्या दायित्व हैं तो यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि आप चीजों को ठीकठाक करें। इस बीच, देवयानी ने उनसे जुड़े प्रकरण पर कोई प्रतिक्रिया करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा ‘‘कोई प्रतिक्रिया नहीं।

मैं आपके सारे सहयोग के लिए वाकई शुक्रगुजार हूं, मैं कोई टिप्पणी नहीं कर सकती। मेरे लिए सरकार बोलेगी। मेरे लिए मेरे वकील बोलेंगे। देवयानी के स्वदेश लौटने से पहले न्यूयार्क में गैंरड जूरी द्वारा उन्हें वीजा धोखाधड़ी के मामले में अभ्यारोपित किया गया था। उन्हें गिरफ्तार करने के बाद 25 लाख डालर की जमानत पर छोड़ दिया गया था।


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