तिरंगों पर हाथ की बजाए चरखा

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Friday, January 17, 2014-3:23 PM

 नई दिल्ली(अशोक शर्मा): अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के शुक्रवार को होने वाले एक दिवसीय अधिवेशन के लिए सुरक्षा की दृष्टि से 4 स्तरीय खास व्यवस्था की गई है। पूरे स्टेडियम को अंदर और बाहर हर तरफ तिरंगे से सजाया गया है।खास बात यह है कि स्टेडियम के अंदर व बाहर लगे तिरंगों पर हाथ की बजाए चर्खे का चिन्ह है।इससे अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है कि यहां भी आम आदमी पार्टी का असर दिखेगा।

स्टेडियम के बाहर और आसपास के इलाकों की सड़कों पर प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के चित्रों वाले काफी होॄडग लगाए गए हैं। स्टेडियम के अंदर जाने के लिए तीनों गेट खुले रहेंगे, लेकिन गेट नंबर एक से केवल अति विशिष्ट व्यक्ति ही आ-जा सकेंगे। दूसरे गेट से विभिन्न प्रदेशों से आने वाले प्रदेश पार्टी के अध्यक्ष व डैलीगेट्स जाएंगे। सभी गेटों पर सुरक्षा की दृष्टि से मैटल डिटैक्टर लगाए गए हैं। स्टेडियम के अंदर सादे कपड़ों में गुप्तचर एजैंसियों के अधिकारी, उसके बाद एस.पी.जी. के जवान,  तीसरे स्तर पर एन.एस.जी. के कमांडो और चौथे स्तर पर सीमा सशस्त्र बल और दिल्ली पुलिस के जवान व कमांडो तैनात रहेंगे।

 
सीमा सशस्त्र बल के जवानों की एक प्लाटून ने वीरवार की शाम से स्टेडियम को अपने कब्जे में ले लिया। बल के एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार की सुबह 7 बजे तक जवान ही स्टेडियम की देखरेख का जिम्मा संभालेंगे। उसके बाद एस.पी.जी. के जांबाज कमांडो स्टेडियम के अंदर व परिसर के भीतर अधिवेशन संपन्न होने तक सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे। एस.पी.जी. के मोर्चा संभालते ही एन.एस.जी. (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) के कमांडो तीसरे स्तर पर सुरक्षा का जिम्मा संभालते हुए अपने काम को अंजाम देंगे।
 
उसके बाद पुलिस के जवान व कमांडो को तैनात किया जाएगा। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अधिवेशन में भाग लेने वाले अति विशिष्ट व्यक्तियों के वाहन खड़े करने के लिए स्टेडियम परिसर में एक पृथक पार्किंग की जगह बनाई गई है, जबकि अन्य सभी के वाहन स्टेडियम के बाहर बनाई गई पार्किंग में ही खड़े किए जाएंगे। अधिवेशन में भाग लेने के लिए अतिविशिष्ठ व्यक्तियों के आते व जाते समय तालकटोरा स्टेडियम के बाहर व आसपास की कुछ सड़कों पर आम जनता के लिए वाहनों के आवागमन के लिए कुछ देर मार्ग में परिवर्तन भी किया जा सकता है। 
 
 स्टेडियम परिसर में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए 3 आपात चिकित्सा कक्ष बनाए गए हैं, जहां पार्टी के डॉक्टर्स प्रकोष्ठ से जुड़े कुशल चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। पार्टी से जुड़े एक चिकित्सक ने बताया कि इस तरह की व्यवस्था पहली बार नहीं बल्कि हमेशा की जाती रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में ठंड का जबरदस्त प्रकोप है। यदि अधिवेशन में भाग लेने वाले किसी भी डैलीगेट की तबीयत अचानक खराब हो जाती है, तो उसकी मदद के लिए ही ये चिकित्सा कक्ष तैयार किए गए हैं।

 

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