केजरीवाल ने दी राजपथ पर ‘आप’ समर्थकों के साथ जनसैलाब उमडऩे की चेतावनी

  • केजरीवाल ने दी राजपथ पर ‘आप’ समर्थकों के साथ जनसैलाब उमडऩे की चेतावनी
You Are HereNational
Tuesday, January 21, 2014-10:31 AM

नर्इ दिल्ली: कुछ पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठे, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज अपने तेवर और कड़े करते हुए राजपथ पर जनसैलाब उमडऩे की चेतावनी दी। राजपथ पर गणतंत्र दिवस समारोहों का आयोजन होता है। केजरीवाल उन पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर रेल भवन के सामने धरने पर बैठे हैं जिन्होंने कथित मादक द्रव्य और देह व्यापार का रैकेट चलाने वालों पर छापा मारने से इंकार कर दिया था।

धरना समाप्त करने संबंधी किसी भी बातचीत से इंकार करते हुए उन्होंने कहा कि राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा बातचीत का विषय नहीं है। मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा ‘‘हमारा धरना जारी रहेगा। जब दिल्ली में इतने ज्यादा अपराध हो रहे हैं तो गृह मंत्री (सुशील कुमार) शिंदे सो कैसे सकते हैं 'जब  महिलाएं शहर में असुरक्षित हैं' ? हम बातचीत नहीं करेंगे।’’

केजरीवाल रेल भवन के बाहर धरने पर बैठे हैं और यह जगह राजपथ के उस हिस्से के करीब है जहां कड़ी सुरक्षा के बीच गणतंत्र दिवस समारोहों के आयोजन की तैयारी हो रही है। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचे हैं। अपने छह मंत्रिमंडलीय सहयोगियों और कुछ समर्थकों के साथ मुख्यमंत्री ने रेल भवन के बाहर कड़ाके की ठंड में रात बिताई।  केजरीवाल खुले आसमान के नीचे सड़क पर सोए जबकि उनके कुछ समर्थक आग जला कर गीत गाते रहे और नारे लगाते रहे।
कैबिनेट मंत्री भी रात को सड़क पर सोए।

केजरीवाल ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो ‘‘हमारे लाखों समर्थक राजपथ पहुंचने लगेंगे। उन्हें (केंद्र को) लोगों की बात सुननी पड़ेगी।’’गृह मंत्री के खिलाफ आक्रामक रूख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अपना धरना जंतर मंतर पर स्थानांतरित नहीं करेंगे, जैसा कि पुलिस ने उनसे आग्रह किया है।

उन्होंने कहा कि केंद्र को, कथित मादक द्रव्य और देह व्यापार का रैकेट चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने से इंकार करने वाले पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग का आग्रह स्वीकार करना ही होगा। केजरीवाल ने कहा ‘‘क्या दिल्ली की जनता ने उन्हें अपने लिए फैसले करने का अधिकार दिया है ? नहीं । उन्होंने वह अधिकार मुझे दिया है। फिर शिन्दे मुझसे कैसे कह सकते हैं कि मैं कहां बैठूं ? उन्हें मैं बताउंगा कि कहां बैठना है।’’


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You