गांधी नगर में सीलिंग पर बवाल

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Thursday, February 06, 2014-1:11 PM

नई दिल्ली (सतेन्द्र त्रिपाठी): राजधानी में एक बार फिर से सीलिंग का जिन्न बाहर आ गया है। एशिया की सबसे बड़ी रेडीमेड गारमेंट मार्केट गांधी नगर में अवैध फैक्ट्रियों की सीलिंग शुरु हो गई।

इससे गुस्साए व्यापारियों व मजदूरों ने बुधवार को मुख्य मार्ग को जाम किया। लोगों की पुलिस से झड़प भी हुई। इस हंगामे में ए.सी.पी. एक इस्पैक्टर सहित सात पुलिसकर्मी घायल हो गए।

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। इलाके में तनाव बना हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि मामला केवल 760 का नहीं है, यहां पर तो तीन हजार से भी ज्यादा फैक्ट्रियां है। यही हालत रहे तो लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। दिल्ली सरकार को भी इसमें दखल देना चाहिए। आशंका जताई जा रही है कि यह आंदोलन और उग्र हो सकता है।

राजधानी में इससे पहले 2006 भी सीलिंग पर बवाल मच चुका है। उस वक्त 20 सितंबर 2006 को सीलमपुर में हुए विरोध प्रदर्शन में चार लोग पुलिस फायरिंग मारे गए थे। हाईकोर्ट के आदेश पर निगम ने सोमवार से फिर से गांधी नगर में सीलिंग शुरु कर दी। इसी के विरोध में बुधवार को व्यापारियों व मजदूरों ने शंकर नगर से शांति मार्च निकाला।

यहां मार्च मार्केट से होते हुए कैलाश नगर तक गया। यहां चौक पर पहुंचने के बाद कुछ मजदूर बेकाबू हो गए। इन लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। इससे माहौल गर्मा गया। पुलिस ने लोगों से जाम हटाने को कहा, लेकिन वह नहीं माने। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया तो मजदूरों ने पथराव कर दिया।

इस पथराव में  7 पुलिसकर्मियों को चोट लगी है। इनमें अतिरिक्त थानाध्यक्ष संजय सिन्हा के सिर पर  और एक अन्य पुलिसकर्मी की आंख के पास भी गंभीर चोट लगी है। इलाके की एसीपी रश्मि शर्मा भी मामूल रूप से घायल हुई है। पुलिस ने बताया कि हंगामे के बीच व्यापारियोंं ने घंटों तक कश्मीरी गेट और आर्इ.एस.बी.टी. रोड को भी जाम कर दिया था।
 
एसोसिएशन ऑफ होलसेल रेडीमेड गारमेंट अशोक  बाजार के अध्यक्ष के.के. बल्ली ने बताया कि फैक्ट्रियों के मालिक दो बार हाईकोर्ट में रिव्यू के लिए जा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब वह लोग सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे है।


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