मोहल्ला सभाओं का बजट 600 करोड़

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Thursday, February 13, 2014-1:02 AM
नई दिल्ली (ताहिर सिद्दीकी): आम आदमी पार्टी की सरकार ने वीरवार को कैबिनेट बैठक में अपने एक और महत्वाकांक्षी विधेयक स्वराज बिल को हरी झंडी दिखाने की तैयारी कर ली है। सरकार इस बिल को भी बिना उपराज्यपाल व केंद्र सरकार की अनुमति लिए विधानसभा में पेश करने की तैयारी में है। 
 
स्वराज बिल के अनुसार एक वार्ड में 10 मोहल्ला सभाएं होंगी। हरेक मोहल्ला सभा में 2 महिला व 2 पुरुष सदस्य होंगे। वार्ड की मोहल्ला सभाओं का चेयरमैन पार्षद होगा और मोहल्ला सभाएं 2 तिहाई बहुमत से अपने वार्ड के पार्षद को हटा सकती हैं। सदस्यों का चुनाव सीधे जनता करेगी तथा चुनाव का बंदोबस्त राज्य चुनाव आयोग करेगा। इस बिल के लागू होने पर सीधे मोहल्ला सभाओं को विकास कार्यों के लिए अधिकृत कर दिया जाएगा।
 
मोहल्ला सभाओं का बजट 600 करोड़ रुपए का होगा। इसका प्रभाव 20 वर्षों से लागू विधायक फंड पर पड़ेगा। अगर बिल ने कानून की शक्ल ले लिया तो विधायक फंड समाप्त कर दी जाएगी। मोहल्ला सभा एम.सी.डी. के लिए चुनौती नहीं होगी बल्कि उसके काम को निचले स्तर पर ले जाएगी। ऐसे में वह स्थानीय निकाय की सहयोगी की भूमिका में होगी। मसौदे के अनुसार राजधानी में 2,720 मोहल्ला सभाएं गठित की जाएंगी।  प्रत्येक नगर निगम के वार्ड में 10 मोहल्ला सभा गठित करने का प्रावधान होगा। हर सभा में 4 प्रतिनिधि होंगे जो जनता द्वारा चुने जाएंगे। महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए हर मोहल्ला सभा में 2 महिला प्रतिनिधि होंगी। 
 
इन्हें व्यापक वित्तीय अधिकार भी प्राप्त होंगे। सरकार ने वित्तीय अधिकारों की कोई अधिकतम सीमा नहीं निर्धारित की है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक स्वराज बिल में मोहल्ला सभाओं द्वारा मैरिज सॢटफिकेट के साथ इनकम सॢटफिकेट, जाति प्रमाण-पत्र, जन्म और मृत्यु प्रमाण-पत्र भी देने का प्रावधान किया गया है। पार्किंग चार्ज, मूल निवास प्रमाण, स्ट्रीट वैंडर्स के सॢटफिकेट देने का प्रावधान भी इस बिल में किया गया है। प्रॉपर्टी टैक्स भी मोहल्ला सभाओं के जरिए जमा करवाने की तैयारी है। 

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