NGT ने प्रदूषण पर कोयला, बिजली कंपनियों से जवाब मांगा

  • NGT ने प्रदूषण पर कोयला, बिजली कंपनियों से जवाब मांगा
You Are HereNational
Thursday, February 13, 2014-1:09 PM

नागपुर: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने विदर्भ में खराब गुणवत्ता वाले कोयले के इस्तेमाल के चलते तापीय बिजली संयंत्रों से पैदा हो रहे खतरनाक प्रदूषण के मुद्दे पर गंभीर संज्ञान लिया है ।

एनजीटी, पश्चिमी क्षेत्र पुणे की एक खंडपीठ ने मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्य सचिव, राज्य उर्जा विभाग, पर्यावरण विभाग, केंद्रीय बिजली एवं कोयला मंत्रालयों, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, एमपीसीबी, कोल इंडिया लिमिटेड और इसकी अनुषंगी वेस्टर्न कोलफील्ड्स तथा सरकार संचालित महाराष्ट्र राज्य बिजली उत्पादन कंपनी लिमिटेड (महाजेनको) को नोटिस जारी कर 19 मार्च तक जवाब मांगा है। नोटिस न्यायमूर्ति वीआर किंगांवकर (न्यायिक सदस्य) और अजय ए देशपांडे (विशेषज्ञ सदस्य) की खंडपीठ ने जारी किया।

इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता एवं महादुला गांव के निवासी रत्नदीप रंगारी ने जनहित याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के नियमों का उल्लंघन कर कोयला एवं बिजली कंपनियां वायु को प्रदूषित कर रही हैं, पानी को जहरीला बना रही हैं और स्वच्छ प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल नहीं कर विदर्भ को एक गैस चैंबर के रूप में तब्दील कर रही हैं।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You