गुडग़ांव एक्सप्रेस-वे टोल प्लाजा मामले को एनएचएआइ और निगम आपस में मिल कर सुलझाएं : कोर्ट

  • गुडग़ांव एक्सप्रेस-वे टोल प्लाजा मामले को एनएचएआइ और निगम आपस में मिल कर सुलझाएं :  कोर्ट
You Are HereNational
Friday, February 21, 2014-10:08 PM
नई दिल्ली : गुडग़ांव एक्सप्रेस-वे टोल प्लाजा के मामले में  दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) को दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति मनमोहन सिंह ने निगम व नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआइ) को निर्देश दिया कि वह आपस में मिलकर यह मामला सुलझा लें ।  दक्षिणी दिल्ली नगर निगम टोल को नहीं हटाने की मांग कर रहा था। 
 
खंडपीठ के समक्ष निगम ने कहा कि कुल 16 में से चार लेन उन्हें देना पर्याप्त नहीं है। वहीं, एनएचएआइ ने कहा कि वह निगम को सभी लेन देने के लिए बाध्य नहीं है। हालाकि, एनएचएआइ ने कहा कि वह इस मामले को उसके साथ सुलझाने को तैयार है। जिसके बाद खंडपीठ ने कहा कि निगम व एनएचएआइ के अधिकारी शुक्रवार शाम को ही बैठक करे और इस मामले को सुलझाने का प्रयास करे। अब इस मामले में 26 फरवरी को सुनवाई होगी।
 
ज्ञात हो कि नगर निगम ने इस मामले में फिर से अदालत के समक्ष याचिका दायर करते हुए कहा था कि व्यवसायिक वाहनों से टोल टैक्स वसूलने के लिए उनको 16 में से चार लेन देना पर्याप्त नहीं है। इसलिए टोल प्लाजा को न हटाया जाए। जबकि बुधवार को ही न्यायालय ने इस मामले में टोल को हटाने की सहमति दी थी और दिल्ली-गुडगांव सुपर कनेक्टिविटी लिमिटेड (डीजीएससीएल), नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआइ) और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट फायनेंस कंपनी (आइडीएफसी) के बीच हुए समझौते को स्वीकार कर लिया था। जिसके तहत एक्सप्रेस-वे से टोल हटाने का फैसला लिया गया था। वहीं एनएचएआइ ने खंडपीठ को बताया था कि इस एक्सप्रेस-वे पर कुल 16 लेन हैं। जिनमें से चार लेन नगर निगम को दे दी जाएंगी, ताकि वह व्यवसायिक वाहनों से टोल टैक्स वसूल सकें।
 

विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You