हरियाणा में चुनाव आचार सहिंता को ठेंगा

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Tuesday, April 01, 2014-12:13 PM

हरियाणा: आचार सहिंता लागू होने के बाद लोकसभा चुनाव को स्वतन्त्र, निष्पक्ष एवं शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न करवाने के लिए चुनाव अधिकारी काफी सख्त दिखाई दे रहे है। चुनाव आयोग द्वारा आचार सहिंता की उलंघना करने वाले राजनेताओं के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने का दवा भी किया जा रहा है लेकिन अगर इन दावो की सच्चाई देखी जाए तो ये दावे प्रशासन की पोल खोल रहे है। जी हां हरियाणा में सबसे ज्यादा अचार सहिंता उल्लंघन के मामले देखने को मिले है। आप भी देख सकते है कि प्रदेश के विभिन्न जिलो में कैसे हर राजनितिक पार्टी आचार सहिंता का उलंघन कर रही है। जिसकी सूचि इस प्रकार है :

करनाल लघु सचिवालय में देखने को मिला जहां हरियाणा सरकार द्वारा कराए गए विकास कार्यो की होर्डिंग लगी हुई थी।

करनाल लोकसभा से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी परमजीत सिंह पर पानीपत में आंचार सहिंता के उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ था। दरसअल परमजीत सिंह ने टिकट मिलने के बाद बिना प्रशासनिक मंजूरी के रोड शो निकाला था।

करनाल से भाजपा प्रत्याशी अश्वनी चौपड़ा पर 2 बार आचार सहिंता का मामला दर्ज हुआ है। एक मामले में अश्वनी चौपड़ा पर श्री कृष्ण मंदिर को राजनितिक व चुनावी उदेश्य के लिए प्रयोग करने और बिना अनुमति के गाडिय़ों के बड़ेे काफिले के साथ जुलूस ले जाने का आरोप लगा था। वहीं दूसरे मामले में अश्वनी चौपड़ा द्वारा अपने निजी अखबार का प्रयोग करते हुए चुनाव प्रचार हेतु शहर भर में इसकी हजारों प्रतियां मुफ्त वितरित की गई थी।

यमुनानगर में भी कई सार्वजनिक स्थानों पर भाजपा व समाजवादी पार्टी के होर्डिंग लगे हुए पाए गए।

पंचकुला स्थित माता मनसा देवी मंदिर परिसर में चुनाव अचार संहिता की सरेआम धज्जियां उड़ती दिखाई दी। मंदिर प्रशासन के कार्यालय में हरियाणा सरकार के पोस्टर अचार संहिता लागू होने के बावजूद भी ज्यों के त्यों लगे हुए थे।

पानीपत में जनमुद्दे आंदोलन के राष्ट्रिय अध्यक्ष सतबीर हुड्डा ने स्काई लार्क होटल के प्रांगण में जनसभा कर अचार सहिंता की उलंघना की थी।

राजनितिक पार्टियों के साथ साथ प्रशासन भी अचार सहिंता की उलंघना करता हुआ पाया गया। गुडगाँव में निगम कमिश्नर ने जिला में किए गए विकास कार्यों की एक रिपोर्ट जारी कर दी थी जिसके बाद भाजपा ने निगम कमिश्नर को हटाने की मांग की थी।

हरियाणा में लोकसभा चुनाव 10 अप्रैल को होने वाले है और ऐसे में प्रदेश में नेताओं द्वारा अचार सहिंता की धजियां सरेआम उड़ाई जा रही है, जो सीधे तौर पर चुनाव आयोग अधिकारीयों की कार्यशैली पर सवालियां निशान खड़े करता है।


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