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कुल्लू में एक ऐसा शख्स, जिसने 13 चुनाव लड़े और सारे हारे

  • कुल्लू में एक ऐसा शख्स, जिसने 13 चुनाव लड़े और सारे हारे
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Wednesday, April 02, 2014-3:16 PM

कुल्लू: कुल्लू जिला की लगघाटी के रोपड़ी गांव में जन्में 86 बसंत देख चुके नवल ठाकुर ने आजादी की लड़ाई में कूदने के बाद देश आजाद होने पर राजनीति में प्रवेश किया और कई बार जन हित के लिए आंदोलन करते रहे। विशाल हिमाचल निर्माण कमेटी के महासचिव भी रह चुके हैं और विशाल हिमाचल निर्माण के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। लाहौर एसैम्बली के लिए 1957 में पहला व 1962 में दूसरा चुनाव भी लड़ा। 1967 में पूरा प्रचार पैदल अकेले ही बैग में पोस्टर, चने व गुड़ डालकर किया।

नवल ठाकुर ने 1957 से लेकर 1991 तक 13 लोकसभा व विधानसभा चुनाव लड़े परंतु एक में भी विजय प्राप्त नहीं हुई। 1971 में मंडी सीट पर वीरभद्र के खिलाफ चुनाव लडऩे से 4914, 1977 में 7817, 1980 में 2255, 1984 में 2453, 1989 में 3423 व कांगड़ा सीट पर 1991 में चुनाव लड़ा परंतु 768 मतों से संतोष करना पड़ा।  नवल ठाकुर 1989-90 में एंटी आरक्षण आंदोलन के चेयरमैन थे और आॢथक आधार पर आरक्षण के लिए आंदोलन किया। पंजाब के पहाड़ी राज्यों को हिमाचल में मिलाने के लिए बतौर विशाल हिमाचल निर्माण कमेटी के महासचिव पहले प्रथान मंत्री पं. जबाहर लाल नेहरू के न्यौते पर मिलते रहे। 15 जून, 1960 को टैलीग्राफीकली तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने उन्हें विशाल हिमाचल निर्माण के लिए बुलाया था। जनहित के मुद्दों को लेकर वाई.एस. परमार के साथ उनकी गाड़ी में ही सफर करते थे।


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