कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा फ्लेचर को

  • कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा फ्लेचर को
You Are HereSports
Sunday, December 15, 2013-5:26 PM

जोहानिसबर्ग: भारत को विदेशी सरजमीं पर टेस्ट मैच खेले हुए करीब दो साल हो चुके हैं और अब टीम बुधवार से वांडरर्स में दक्षिण अफ्रीका से भिडऩे के लिए तैयार हो रही है और कोच डंकन फ्लेचर के लिए यह कड़ी चुनौती होगी क्योंकि वह विदेशों में 0.8 से मिली करारी शिकस्त के परिणाम के बाद भी टीम के साथ लंबा सफर तय कर चुके हैं। भारत ने विदेशी सरजमीं पर अंतिम मैच जनवरी 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में खेला था।

विदेश में लंबे समय तक मिली हार का यह अंतिम मैच था जिसमें इंग्लैंड (0.4) के बाद उसे ऑस्ट्रेलिया से लगातार चार टेस्ट में पराजय मिली थी। विश्व क्रिकेट में इतने कोच मौजूद नहीं हैं जो विदेशी हालात में 0.8 से मिली हार के बाद टीम के साथ बने रहे हों, लेकिन फ्लेचर किसी तरह कोच बने ही रहे। अब यह देखना बहुत आसान है कि टीम हमेशा उनका समर्थन क्यों करती है। वह सीनियर और अनुभवी खिलाडिय़ों की अनुपस्थिति में इन युवाओं के लिए ‘पिता तुल्य’ हैं। चेतेश्वर पुजारा ने बेनोनी में टीम के अभ्यास सत्र से पहले कहा, ‘‘टीम में युवाओं के साथ संवाद बहुत आसान है।

निश्चित रूप से फ्लेचर से हर वक्त बात की जा सकती है। मैं हमेशा उनके पास जाकर बात कर सकता हूं कि वह मेरी बल्लेबाजी के बारे में क्या सोचते हैं या मुझे क्या परेशानी हो रही है।’’


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You