Edited By Pardeep,Updated: 23 Oct, 2026 05:55 AM

देश में साइबर अपराधों और डिजिटल धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए भारत सरकार का दूरसंचार विभाग (DoT) 'सिम-बाइंडिंग' (SIM-binding) के नए नियम लागू करने जा रहा है। इन नए नियमों के तहत 1 जनवरी से व्हाट्सएप (WhatsApp) और टेलीग्राम (Telegram) जैसे मैसेजिंग...
नई दिल्ली : देश में साइबर अपराधों और डिजिटल धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए भारत सरकार का दूरसंचार विभाग (DoT) 'सिम-बाइंडिंग' (SIM-binding) के नए नियम लागू करने जा रहा है। इन नए नियमों के तहत 1 जनवरी से व्हाट्सएप (WhatsApp) और टेलीग्राम (Telegram) जैसे मैसेजिंग ऐप्स का उपयोग जारी रखने के लिए उपयोगकर्ताओं को अपने पंजीकृत (Registered) सिम कार्ड को डिवाइस में उपलब्ध रखना अनिवार्य हो सकता है। DoT ने सभी ऐप-आधारित संचार सेवाओं को खातों को केवाईसी (KYC) सत्यापित सिम कार्ड से लिंक करने का निर्देश दिया है, जिसके अनुपालन की अंतिम समय सीमा 31 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है।
क्यों लागू किया जा रहा है 'SIM Binding' नियम?
सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य पंजीकृत मोबाइल नंबर और संबंधित मैसेजिंग अकाउंट के बीच के लिंक को मजबूत करना है। इससे जालसाजों के लिए फर्जी नंबरों या बिना सिम वाले उपकरणों के माध्यम से मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग करके धोखाधड़ी करना बेहद कठिन हो जाएगा।
किन यूजर्स और स्मार्टफोन्स पर पड़ेगा असर?
यह नियम उन आईफोन (iPhone) और एंड्रॉइड (Android) स्मार्टफोन्स को प्रभावित कर सकता है जिनमें यूज़र्स पंजीकृत सिम कार्ड डाले बिना केवल वाई-फाई (Wi-Fi) के जरिए व्हाट्सएप या टेलीग्राम का संचालन करते हैं। इसके अलावा, जो लोग एक ही अकाउंट को कई डिवाइसों पर चलाते हैं, विदेश यात्रा करते हैं या सेकेंडरी फोन में बिना सिम के मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें नए वेरिफिकेशन नियमों के कारण एक्सेस (Access) में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि, DoT के दिशानिर्देशों का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि व्हाट्सएप किसी विशिष्ट फोन मॉडल पर काम करना बंद कर देगा; मुख्य विषय यह है कि डिवाइस में पंजीकृत सिम मौजूद है या नहीं। इसे ध्यान में रखते हुए एप्पल (Apple) ने सितंबर में एक सॉफ्टवेयर अपडेट जारी कर अपने iOS में बदलाव किए हैं, जिससे आईफोन में सिम कार्ड की अनुपस्थिति को डिटेक्ट किया जा सके।
6 घंटे वाले ऑटो-लॉगआउट नियम में मिली राहत
DoT ने 28 नवंबर 2025 को जारी अपने मूल निर्देशों में संशोधन करते हुए व्हाट्सएप वेब (WhatsApp Web) यूज़र्स को बड़ी राहत दी है। पूर्व में प्रस्तावित नियम के तहत वेब सेशन्स को हर 6 घंटे में अपने आप लॉगआउट करने की योजना थी, जिसे अब DoT ने वापस ले लिया है। नए संशोधित ढांचे के तहत अब केवल संदिग्ध धोखाधड़ी वाले मामलों में ही सेवा को तुरंत समाप्त करने या जोखिम-आधारित (Risk-based) लॉगआउट का नियम लागू होगा।
कौन-कौन से ऐप्स आएंगे दायरे में?
सरकार का यह सिम-बाइंडिंग नियम व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसी प्रमुख मैसेजिंग सेवाओं पर लागू होता है। रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया ऐप स्नैपचैट (Snapchat) को इन नियमों के पालन से छूट दी गई है, जबकि सिग्नल (Signal) ऐप ने सरकारी नोटिस का अब तक कोई जवाब नहीं दिया है।