कुंडली में विशेष धन योग कब बनते हैं

  • कुंडली में विशेष धन योग कब बनते हैं
You Are HereDharm
Friday, September 27, 2013-7:19 AM
शुक्र ग्रह एकमात्र ग्रह है जो सोर मण्डल में हमेशा सीधा चलता है l ज्योतिष के अनुसार धन वैभव और सुख के लिए कुण्डली में मौजूद धनदायक योग या लक्ष्मी योग काफी महत्वपूर्ण होते हैं। जन्म कुण्डली एवं चंद्र कुंडली में विशेष धन योग तब बनते हैं जब जन्म व चंद्र कुंडली में यदि द्वितीय भाव का स्वामी एकादश भाव में और एकादशेश दूसरे भाव में स्थित हो अथवा द्वितीयेश एवं एकादशेश एक साथ व नवमेश द्वारा दृष्ट हो तो व्यक्ति धनवान होता है।

जिस जातक की कुण्डली में शुक्र ग्रह शुभ और उच्च का होता है वह श्रृंगार प्रिय होता है। इन्हें स्त्रियों का साथ पसंद होता है और व इनसे लाभ भी लेता है l शुक्र ग्रह की विंशोत्तरी महादशा 20 वर्ष की होती है l शुक्र ग्रह बुध के साथ सात्तिवक, शनि एवं राहु के साथ तामस तथा सूर्य,चन्द्र,मंगल कई साथ शत्रुवत व्यवहार करता है l शुक्र ग्रह का कारक भाव सप्तम है तथा यह अपने स्थान से सप्तम भाव को पूर्ण दृष्टी से देखता है l जन्म कुण्डली एवं चंद्र कुंडली में विशेष धन योग तब बनते हैं जब जन्म व चंद्र कुंडली में यदि द्वितीय भाव का स्वामी एकादश भाव में और एकादशेश दूसरे भाव में स्थित हो अथवा द्वितीयेश एवं एकादशेश एक साथ व नवमेश द्वारा दृष्ट हो तो व्यक्ति धनवान होता है।

शुक्र की द्वितीय भाव में स्थिति को धन लाभ के लिए बहुत महत्व दिया गया है, यदि शुक्र द्वितीय भाव में हो और गुरु सातवें भाव, चतुर्थेश चौथे भाव में स्थित हो तो व्यक्ति राजा के समान जीवन जीने वाला होता है। ऐसे योग में साधारण परिवार में जन्म लेकर भी जातक अत्यधिक संपति का मालिक बनता है। सामान्य व्यक्ति भी इन योगों के रहते उच्च स्थिति प्राप्त कर सकता है। शुक्र ग्रह को अपने अनुकूल बनाने अर्थात प्रसन्न करने के लिए श्री लक्ष्मी जी की पूजा का विधान है।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You