जानवरों में फैल रहा प्रोटोजोन इंफैक्शन

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Saturday, November 02, 2013-4:25 PM

नई दिल्ली : पश्चिमी दिल्ली के गांवों में इन दिनों जानवरों में प्रोटोजोन इंफैक्शन फैला हुआ है। हालात इतने खराब है कि पिछले करीब सप्ताह भर के भीतर अलग-अलग जगहों पर करीब 2 दर्जन भैंस-गायों की मौत हो चुकी है।

डॉक्टरों की मानें तो पशु पालक समय-समय पर पालतू जानवरों को लगने वाले इंजैक्शन नहीं लगवाते है जिससे यह संक्रमण जानवरों के खून में तेजी से फैल जाता है। डॉक्टरों की मानें तो इस समस्या का इलाज है। अगर सही समय पर बीमार जानवर को इंजैक्शन व समय से दवाएं दी जाए तो बीमारी पूरी तरह खत्म हो सकती है।  
                                                                
यहां फैली है  बीमारी :
बाहरी दिल्ली के नरेला, अलीपुर, सुंगरपुर, गांव तीगीपुर, हमीरपुर, वाजीदपुर, रमजानपुर, बकौली, ताजपुर, पल्ला, बख्तावरपुर आदि गांवों के पालतु जानवरों में यह बीमारी लगातार बढ़ रही है। गांव सुुंगरपुर के निवासी ब्रह्मप्रकाश ने बताया कि शुरूआत में पशु को ठंड लगती है। फिर धीरे-धीरे व खाना-पीना बंद कर देता है। मुुंह से लगातार झाग गिरता है और फिर कुछ दिन के भीतर की उनकी मौत हो जाती है। उनका कहना था कि 50 हजार से 1 लाख के बीच आने वाले इन जानवरों की मौत से गांववासिसों को काफी नुक्सान हो रहा है। 

उनका आरोप था कि गांव से सरकारी अस्पताल काफी दूर है जिससे प्राइवेट डॉक्टरों को मोटी फीस देकर इलाज करवाने को मजबूर है। वहीं उनका कहना था कि बीमारी के लिए डॉक्टर जो इंजैक्शन बता रहे हंै उसकी बाजार में कीमत करीब 800 रुपए है। ऐसे में काफी परेशानी हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि सावधानी से ही पशुओं को बचाया जा सकता है।

क्या कहते हैं चिकित्सक:
अलीपुर स्थित पशु चिकित्सालय के डॉ. रामकुमार ने बताया कि ग्रामीणों को सरकारी चिकित्सालय के डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।  चिकित्सालय में बीमारी के इलाज के पर्याप्त साधन व दवाइयां हैं। समय-समय पर गांव में पशुओं को इंजैक्शन लगाए जाते है। कई बार यह देखने में आया है कि पशुपालक दूध कम होने की बात कहकर जानवरों को इंजैक्शन नहीं लगवाते जिससे प्रोटोजोन इंफैक्शन फैलने का खतरा बढ़ता है।


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