फरवरी तक खिसक सकते हैं नर्सरी दाखिले

  • फरवरी तक खिसक सकते हैं नर्सरी दाखिले
You Are HereNcr
Tuesday, January 07, 2014-3:11 PM

नई दिल्ली (रोहित राय): शैक्षणिक सत्र 2014-15 के लिए शुरू होने वाली नर्सरी दाखिला प्रक्रिया के शुरू होने में अब और भी ज्यादा विलंब हो सकता है। प्रक्रिया में विलंब होने से भले ही राजधानी के निजी स्कूलों को ज्यादा परेशानी न हो, लेकिन अभिभावकों की परेशानी बढऩी तय है। आमतौर पर हर साल नर्सरी दाखिला प्रक्रिया एक जनवरी से शुरू हो जाती है लेकिन इस बार दिल्ली सरकार और निजी स्कूल में नर्सरी दाखिले से जुड़ी तमाम चीजों को लेकर टकराव की स्थिति बन गई है।

दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग द्वारा पिछले साल 18 दिसम्बर को नर्सरी दाखिले के लिए बनाए गए वर्षों पुराने दिशा-निर्देशों में बदलाव किए जाने से स्कूल प्रबंधन खफा है। यह मामला अब हाईकोर्ट में पहुंच गया है जिस पर वीरवार से सुनवाई शुरू हो सकती है।मामला चूंकि नर्सरी दाखिला प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है इसलिए सुनवाई के लंबा खिंचने के आसार हैं।

अगर ऐसा होता है तो प्रक्रिया एक फरवरी से शुरू होगी और ऐसी स्थिति में अभिभावकों के पास नर्सरी दाखिला फॉर्म खरीदने और फिर उसे भरकर जमा करने के लिए ज्यादा समय नहीं होगा। पुराने दिशा-निर्देशों के मुताबिक हर साल एक अप्रैल से स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो जाता है। इस स्थिति में स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के पास फॉर्म खरीदकर भरने के बाद उसे जमा कराने के लिए महज 2 महीने का समय बचेगा। राजधानी में करीब छोटे-बड़े 2 हजार निजी स्कूल हैं। इनमें नर्सरी कक्षा में सामान्य कोटे की लगभग 2 लाख सीटें हैं।

इन सीटों पर दाखिले के लिए स्कूलों के पास अभिभावकों की ओर से 10 लाख से ज्यादा दाखिले फॉर्म आवेदन के रूप में पहुंचते हैं। दाखिले के लिए होने वाली मारामारी जग जाहिर है। इस बार स्थिति अलग है। दिल्ली में 15 वर्ष तक राज करने के बाद कांग्रेस का सफाया हो गया है और दिल्ली के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख नेता अरविंद केजरीवाल ने नर्सरी दाखिले में होने वाली गड़बडिय़ों को बेहद गंभीरता से लिया है।

उपराज्यपाल नजीब जंग ने दिशा-निर्देशों में बदलाव कर स्कूलों की नींद उड़ा दी है। विशेष तौर से नर्सरी दाखिले में स्कूलों के 20 फीसदी मैनेजमैंट कोटे को खत्म कर दिया गया है और फीस बढ़ौतरी पर भी प्रश्न-चिन्ह लग गया है।इसी मैनेजमैंट कोटे से स्कूल दाखिले के जरिए करोड़ों रुपए की काली कमाई करते हैं। नर्सरी कक्षा में सामान्य सीटों पर दाखिला पाने के लिए अभिभावक स्कूलों में चक्कर लगाते रहते हैं और पहली, दूसरी व तीसरी दाखिला सूची जारी होने के बाद भी ऐसे अधिकांश अभिभावकों के बच्चों का नाम सूची से नदारद रहता है, जिन्होंने दाखिले के आधार से जुड़े सभी सही और मान्य दस्तावेज जमा करा दिए होते हैं। अगर जनवरी से दाखिला प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाती है तो अभिभावकों को इस बार और भी अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You