राजधानी के 74 खतरनाक रास्ते देते हैं मौत को दावत

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Thursday, January 16, 2014-3:37 PM

नई दिल्ली, (सतेन्द्र त्रिपाठी): राजधानी की 74 खतरनाक (ब्लैक स्पॉट) सड़कें मौत को दावत देती हैं। इन सड़कों पर जरा सी असावधानी मौत बन जाती है। तेज रफ्तार, अंधेरा व सड़क की बनावट जैसी कुछ प्रमुख वजह इन 74 सड़कों को खतरनाक बना रही हैं। इन सड़कों पर आए दिन वाहन चालक हादसों के शिकार हो जाते हैं। अब ट्रैफिक पुलिस विभिन्न सिविक एजैंसियों से तालमेल कर इन सड़कों को सुरक्षित करने की कोशिश कर रही है। 

ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों को देखें तो पिछले 10 सालों के मुकाबले पिछले साल मौत कम हुई हैं लेकिन इन्हीं आंकड़ों में यह भी सामने आ रहा है कि दुर्घटनाएं कम हुई है, लेकिन मौतें ज्यादा हुई है। वर्ष 2011 में 2047 हादसों में 2110, 2012 में 1757 हादसों में 1801 और 2013 में 1693 हादसों में 1725 लोगों की मौत हुई है। हादसे कम और मौतें ज्यादा होने की एक वजह ब्लैक स्पॉट भी है। ट्रैफिक पुलिस इन 74 सड़कों की पहचान हॉट जोन के रूप में भी की है। 

इनमें से कुछ प्रमुख सड़कों को देखें तो आई.एस.बी.टी., रिंग रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग 8, दिल्ली-गुडग़ांव रोड, जी.टी. करनाल रोड, रोहतक रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग 24, गाजीपुर रोड, रिंग रोड, नजफगढ़ रोड व रिज रोड आदि शामिल हैं। ट्रैफिक पुलिस के स्पेशल कमिश्नर ताज हसन का कहना है कि पुलिस ने पिछले साल के हादसों का अध्ययन करके इन 74 ब्लैक स्पॉट की पहचान की है। इन सड़कों पर ज्यादा हो रहे हादसों के कारणों की समीक्षा की गई है। 

मूलचंद अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. के.के. अग्रवाल का कहना है कि किसी भी सड़क दुर्घटना में घायल के लिए दुर्घटना का पहला एक घंटा सबसे अहम होता है। घायल की अगर मौत न हुई हो तो एक घंटे के अंदर अस्पताल पहुंचा देना चाहिए।  इससे उसके बचने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है ।

 

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