इस वर्ष 25 बच्चों को मिलेगा वीरता पुरस्कार

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Friday, January 17, 2014-10:48 PM

नई दिल्ली : विपरीत परिस्थितियों में वीरता का परिचय देने वाले 25 बच्चों को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से नवाजा जाएगा। इनमें 16 लड़के और 25 लड़कियां शामिल हैं। इसमें से पांच बच्चों को मरणोपरांत यह पुरस्कार दिया जाएगा।

गणतंत्र दिवस के मौके पर सभी बच्चों को वर्ष 2013 का वीरता का पुरस्कार दिया जाएगा। इन बच्चों को प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह पुरस्कृत करेंगे। पुरस्कार हासिल करने तथा गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होने के लिए सभी बच्चे दिल्ली पहुंच गए हैं और 27 जनवरी तक यहीं रहेंगे। दिल्ली के यमुना विहार निवासी दीपक गुप्ता की आठ वर्षीय पुत्री महिका गुप्ता को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार श्रेणी के सर्वश्रेष्ठ भारत अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।

राजस्थान के जयपुर की मलाईका सिंह टांक (15) को गीता चोपड़ा अवार्ड के लिए चुना गया है। महाराष्ट्र के जलगांव निवासी शुभम संतोष चौधरी (16) को संजय चोपड़ा अवार्ड के लिए चुना गया है। मरणोपरांत उत्तर प्रदेश के मौसमी कश्यप (10), आर्यन राज शुक्ला (13) तथा महाराष्ट्र के संजय नवसु सुतार (17), अक्षय जयराम रोज (13) तथा तन्वी नंदकुमार ओव्हाल (7) को बापू गैधानी अवार्ड से नवाजा जाएगा। अलावा मणिपुर की खरीबम गुनीचांद देवी (8), कंगलईनान्बा खेत्रीयूम (10) व मरणोपरांत एम खयांगथेई (12), मिजोरम की रेमलालरुहा तुआंगी (8), वानलालरुहिया (9), मरणोपरांत मलसॉम तुआंगी (12) व हनी नूरदिनथरी (14), दिल्ली के सागर कश्यप (11), कर्नाटक के एसएस मनोज (12), केरल के सुबिन मैथ्यू (11), अखिल बीजू (10) व यधुकृष्नन वीएस (13), हिमाचल की शिल्पा शर्मा (14), मध्य प्रदेश के सौरभ चंदेल (13), छत्तीसगढ़ के अभिषेक एक्का (13), महाराष्ट्र के रोहित रवि जन्मंची (17) और नागालैंड के मरणोपरांत एल मानियो छाछे (17) को सम्मानित किया जाएगा।

दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित इंडियन काउंसिल फॉर चाइल्ड वेलफेयर (आइसीसीडब्ल्यू) में शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में संस्था की अध्यक्ष गीता सिद्धार्थ ने बताया कि राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के भारत अवार्ड विजेता को 50 हजार, गीता चोपड़ा व संजय चोपड़ा अवार्ड विजेता को 40 हजार, बापू गैधानी अवार्ड विजेता को 20 हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र व मेडल प्रदान किया जाएगा।

इसके अलावा बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति, मेडिकल, इंजीनियरिंग जैसी उच्च शिक्षा के लिए भी आर्थिक मदद दी जाती है। मरणोपरांत बच्चों की सुविधाएं उनके भाई-बहनों के लिए हैं। गीता ने बताया कि हमें पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक के अनुमोदित पत्र मिलते हैं। इसके आधार पर उच्चस्तरीय निर्णायक मंडल विजेताओं का चयन करता है। 


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