हुनर देख लोग दबा लेते हैं दांतों तले ऊंगलियां लेकिन...

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Saturday, January 18, 2014-11:44 AM

कठुआ: हुनर तो इतना अच्छा है कि इसे देख कर लोग मुंह तले ऊंगलियां दबा लेते हैं। लेकिन उधर 6 वर्ष की नन्हीं बच्ची की जान पर ज़ोखिम बना रहता है। जिसकी उमर अभी खेलने पढऩे की है। वह लेागों को अपनी जान को ज़ोखिम मे डाल कर इस कद्र मनोरंजन करती है कि एक बार तो लोग वाह-वाह कर उठते हैं।

यहीं बस नहीं उस 6 वर्षीय नन्हीं बच्ची फूल देवी की मां अनिता पत्नि सोनू निवासी छत्तीसगढ़ का कहना है कि इससे उन्हें 1000 से 1500 सौ रुपए रोज़ाना प्राप्त हो जाते हैं। जब यह नन्हीं बच्ची सड़क के किनारे खड़ी की गई पाईपों के दोनों सिरों पर बांधी गई रस्सी पर चलते हुए एक तरफ से दूसरी तरफ को जाती है तो लोग प्रसन्न होकर उसे रुपए भेंट करके उसका स्वागत ही नहीं करते बल्कि उसकी व उसके पविार की सहायता के साथ साथ प्रोत्साहित भी करते हैं। यह नन्हीं बच्ची कठुआ के जिराई चौक मे करतब दिखा रही थी और लोग उसे देख रहे थे।

जिसके उपरान्त उसे रुपए देकर प्रोत्साहित भी कर रहे थे। तभी उसकी मां को जब इस पत्रकार ने पूछा कि आपको पता है कि यह एक अपराध है तो उसने झट से कहा कि क्या करें बाबू जी,ऐसा तो हमारे परिवार दादा परदादा के समय से कर रहे हैं। ऐसा नहीं करेंगे तो फिर खाएंगे क्या? हमारे परिवारों के सदस्य तो बड़े-बड़े शहरों दिल्ली, आगरा और मुम्बई जैसे शहरों मे भी यह खेल दिखाते हैं।

इसके अभी पढऩे के दिन हैं और क्या आप इसे पढ़ाना नहीं चाहते के जवाब मे उसकी मां कहती है कि हम एक साल इधर रहते हैं और उसके उपरान्त 4 महीने छत्तीसगढ़ मे रहते हैं। तब यह उधर पढ़ती है। लेकिन वह यह नहीं बता पाई कि 4 महीने मे यह क्या पढ़ती होगी। लेकिन उसने बड़ी मासूमियत और मायूसी से इतना अवश्य कहा कि पढ़ कर क्या करेंगे बाबू जी। हमारे तो परिवार के सारे सदस्य यही करते हैं।

 

















   
 


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