मोदी ने बताया अपना ‘Idea of India’

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Monday, January 20, 2014-10:15 AM

नई दिल्ली: भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने आज पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में देश के बारे में 15 विचार पेश किए, जिनके दम पर उन्होंने एक ऐसे राष्ट्र के निर्माण का वादा किया, जो सही मायने में गरीबों, वंचितों और पिछड़ों का हिमायती होगा। नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘‘कांग्रेस के एक नेता बार-बार ‘माई आइडिया ऑफ इंडिया' की बात करते हैं, लेकिन यह किसी की जागीर नहीं हो सकता। मेरा ‘आइडिया आफ इंडिया है:-

 
1. सत्यमेव जयते अर्थात सत्य की सदा जीत होती है।
2. अहिंसा परमो धर्म: अर्थात अहिंसा सबसे बड़ा धर्म है।
3. पौधों मेें परमात्मा दीखना।
4. आ नो भद्रा क्रतवो यन्तु विश्वत: अर्थात संपूर्ण विश्व से अच्छे विचारों को आने दो।
5. सर्वपंथ समभाव  अर्थात सभी आध्यात्मिक पंथ समान हैं।
6. वसुधैव कुटुंबकम अर्थात पूरा विश्व एक परिवार है।
7. सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया: अर्थात सभी सुखी एवं समृद्ध हों सभी रोग मुक्त हों।
8. सह नाववतु सह नौ भुनक्तु सह वार्य करवाव है तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै अर्थात हम सदा सुरक्षित रहें हम सदा पोषित रहें हम सदा पूरी उर्जा से मिलकर काम करते रहें हमारी बुद्धि तीक्ष्ण हो जिसमें द्वेष न पनपे।
9. न त्वहं कामये राज्यं न स्वर्गं न पुनर्भवम अर्थात सत्ता, धन मोक्ष अथवा पद की लालसा में प्रसन्नता नहीं मिलती। प्रसन्नता सभी मानव मात्र के दुख और पीड़ा दूर करने से मिलती है।
10. वैष्णव जन तो तेने कहिए जे पीड पराई जाणे रे अर्थात ईश्वर का सच्चा भक्त वही है जो दूसरों की पीड़ा को समझे।
11 दरिद्र नारायण सेवा अर्थात दरिद्र की सेवा ईश्वर की सेवा के समान है।
12. नर करनी करे तो नारायण हो जाए अर्थात मानव यदि कर्म करे तो ईश्वर बन सकता है।
13. नारी तू नारायणी।
14. यत्र नार्यन्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता: यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफला: क्रिया: अर्थात जहां नारी का सम्मान होता है वहां देवताओं का वास होता है। जहां उनका असम्मान होता है वहां कोई कर्म फलदायी नहीं होता।
15. जननी जन्मभूमि स्वर्गादपि गरीयसी अर्थात मां और मातृभूमि स्वर्ग से भी श्रेष्ठ हैं।

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