रैन बसेरा पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार से मांगा जवाब

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Monday, January 27, 2014-8:22 PM

नई दिल्ली: दिल्ली के रैन बसेरों में ठंड से हुई मौत के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई और सारे मामले की रिपोर्ट चार हफ्तों के अंदर-अंदर कोर्ट में जमा करवाने को कहा है। उच्च न्यायालय ने सरकार के रवैए पर नाखुशी जाहिर करते हुए राजधानी में रैन बसेरों की हालत सुधारने के लिए विभिन्न एजेंसियों की नियमित बैठकें नहीं करने की असफलता की भी आलोचना की।

राज्य सरकार ने न्यायालय को बताया कि सरकार, दिल्ली पुलिस से बेहतर समन्वय के लिए बातचीत कर रही है ताकि बेघरों की मदद के लिए कदम उठाए जा सकें। उच्च न्यायालय ने इससे पूर्व आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को निर्देश दिया था कि बेघरों को शरण देने के बारे में वह अपनी नीति स्पष्ट करें। न्यायालय ने सरकार से यह भी कहा कि वह ठंड से मरने वालों की संख्या के बारे में भी हलफनामा दायर करें। दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि सरकार ने बसों का अधिग्रहण कर उन्हें रैन बसेरों में बदल दिया है और बसें सार्वजनिक सुविधाओं वाले स्थान पर ही खड़ी हैं।

शनिवार को एक गैर सरकारी संस्था ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि एक जनवरी से 23 जनवरी तक दिल्ली में 181 बेखरों की ठंड से मौत हुई है। मौत आंकड़े गृह मंत्रालय के आधीन काम करने वाले जोनल इंट्रीग्रेटेड पुलिस नेटवर्क (जिमनेट) के माध्यम से जुटाया गया था। हाईकोर्ट ने दिल्ली की सरकार पर कड़ा रूख अपनाते हुए सारे मामले की जानकारी मांगी है।


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