...और जब रोने लगे जसवंत

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Sunday, March 23, 2014-9:02 AM

नई दिल्ली: भाजपा में अपनी अनदेखी से आहत जसवंत सिंह एक साक्षात्कार के दौरान अपने जज्बातों पर काबू नहीं रख पाए और रोने लगे। उन्होंने आंसुओं को छलकने से रोका लेकिन आंसुओं पर उनका काबू नहीं हो पाया और आखिरकार उन्हें अपना रुमाल निकालकर आंखें पोंछनी पड़ीं। भाजपा में में बवाल बढ़ता ही जा रहा है। सूत्रों के अनुसार बाड़मेर से टिकट न मिलने से नाराज जसवंत सिंह आज भाजपा छोड़ सकते हैं।

 

गौरतलब है कि बाड़मेर से जसवंत सिंह को टिकट नहीं दिया जबकि उनका कहना था कि वो आखिरी चुनाव अपने घर से ही लड़ना चाहते हैं। पार्टी ने जसवत सिंह को टिकट न देकर हाल ही में भाजपा में शामिल हुए कर्नल सोनाराम को टिकट दे दिया। वहीं ये भी कयास लगाए जा रहे हैं कि जसवंत निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं।

 

जसवंत को बाड़मेर से टिकट न दिए जाने को लेकर उनके समर्थक भी खासे नाराज हैं। समर्थकों की नाराजगी पोस्टरों में भी दिखाई पड़ रही है जिसमें लिखा गया है कि असली भाजपा और नकली भाजपा में फर्क करने का समय आ गया है। दूसरी तरफ राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने बाड़मेर और जैसलमेर के सभी 8 विधायकों को जयपुर बुलाया है।
आज शाम 6 बजे जयपुर में वसुंधरा सभी विधायकों से मुलाकात करने वाली हैं। माना जा रहा है कि ये मीटिंग जसवंत सिंह की नाराजगी से पैदा हुए हालात पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई है।

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