टिकट को लेकर कांग्रेस में घमासान, शुक्ल समर्थकों ने लगाया अनदेखी का आरोप

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Friday, March 21, 2014-11:43 AM

रायपुर: छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव के प्रत्याशियों की घोषणा के साथ ही यहां के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस में घमासान मच गया है। पार्टी के फैसले से जहां झीरम हमले में शहीद वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल के समर्थक नाराज हैं। वहीं, टिकट की आस लगाए नेता अब पार्टी से किनारा कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनावों में लगातार तीन बार हार का सामना कर चुके राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

 

पार्टी ने पिछले दिनों यहां लोकसभा की 11 सीटों के लिए प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी, लेकिन इससे कई नेता नाराज हो गए हैं। राज्य में पिछले वर्ष मई महीने में नक्सलियों ने अपने सबसे बड़े हमले को अंजाम देकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार पटेल समेत कई वरिष्ठ नेताओं की हत्या कर दी थी। नक्सलियों की गोलियों ने इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता विद्याचरण शुक्ल को भी अपना निशाना बनाया था। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर जिले में दिनदहाड़े हुई इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रखा दिया था।

 

वहीं, कांग्रेस ने शहीदों का मान रखते हुए वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के परिजनों को बीते विधानसभा चुनावों में अपना उम्मीदवार बनाया था। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में झीरम घाटी हमले में शहीद प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार पटेल के बेटे उमेश पटेल को खरसिया विधानसभा सीट से, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा की पत्नी देवती कर्मा को दंतेवाड़ा विधानसभा सीट से, पूर्व विधायक उदय मुदलियार की पत्नी अलका मुदलियार को राजनांदगांव विधानसभा सीट से तथा कांग्रेस नेता योगेंद्र शर्मा की पत्नी अनिता शर्मा को धरसीवां विधानसभा सीट से टिकट देकर शहीदों की राजनीतिक विरासत को संभालने का मौका दिया था।

 

विधानसभा चुनाव में उमेश पटेल और देवती कर्मा ने जीत हासिल की लेकिन अलका मुदलियार और अनिता शर्मा हार गईं। यही नहीं, कांग्रेस ने इस लोकसभा चुनाव में भी महेंद्र कर्मा के बेटे दीपक कर्मा को बस्तर लोकसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है। झीरम हमले में शहीद नेताओं के परिजनों को विधानसभा चुनाव में मौका देने के बाद से वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल के समर्थक आश्वस्त थे कि पार्टी लोकसभा चुनाव में महासमुंद लोकसभा सीट से विद्याचरण शुक्ल की बेटी प्रतिभा पांडेय को अपना प्रत्याशी बनाएगी। लेकिन पार्टी ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को टिकट दे दिया।

 

महासमुंद से जोगी का नाम सामने आने के बाद नेताओं की नाराजगी सामने आ गई और इसका असर राजधानी रायपुर के कांग्रेस भवन में भी हुआ। महासमुंद सीट से प्रतिभा का नाम नहीं होने पर विद्याचरण शुक्ल के समर्थकों ने पार्टी पर शुक्ल की शहादत को अनदेखा करने का आरोप लगा दिया है। राज्य के पूर्व मंत्री और विद्याचरण शुक्ल के करीबी रहे विधान मिश्रा कहते हैं कि उन्होंने प्रतिभा को महासमुंंद से टिकट देने के लिए पहले ही आलाकमान को पत्र लिखकर आग्रह किया था। लेकिन प्रतिभा को टिकट नहीं दिया गया।

 

मिश्रा ने कहा कि पार्टी शुक्ल की शहादत को भुला रही है। उनकी शहादत की अनेदखी की जा रही है। उनका कहना है कि जब अन्य शहीदों की शहादत का सम्मान करते हुए उनके परिजनों को टिकट दिया गया तो फिर विद्याचरण शुक्ल के परिवार को क्यों भुला दिया गया। पूर्व मंत्री और विद्याचरण शुक्ल के परिवार के सदस्य अमितेश शुक्ल का कहना है कि निश्चित रूप से महासमुंद लोकसभा सीट से विद्याचरण शुक्ल के परिवार के सदस्यों को टिकट दिया जाना चाहिए था। अब चूंकि हाईकमान ने अजीत जोगी का नाम तय कर दिया है तो अब सभी मिलकर जोगी को जिताने का प्रयास करेंगे।

 

इस मामले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल का कहना है कि प्रत्याशियों का चयन केंद्रीय समिति करती है तथा उनका फैसला सभी को मान्य होता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी ने प्रतिभा का नाम दिल्ली भेज दिया था।


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