Edited By Rahul Rana,Updated: 08 Feb, 2026 05:24 PM
स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और संस्कृति के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाने वाले व्यक्तियों को मिला सम्मान
फिजिक्सवाला के संस्थापक अलख पांडे, अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित कबड्डी खिलाड़ी साक्षी पुनिया और मशहूर गीतकार संतोष आनंद प्रमुख सम्मानितों में शामिल
(वेब डेस्क): भारत की जानी-मानी और भरोसेमंद स्वास्थ्य एवं वेलनेस कंपनी हमदर्द लेबोरेटरीज ने आज नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में हकीम अब्दुल हमीद एक्सीलेंस अवॉर्ड्स का आयोजन किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य, शिक्षा, सार्वजनिक सेवा, खेल, उद्यमिता, कला, महिला सशक्तिकरण, और सामाजिक विकास जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। ये पुरस्कार आज एक ऐसे राष्ट्रीय मंच के रूप में स्थापित हो चुके हैं, जो समाज के लिए सकारात्मक बदलाव लाने वाले कार्यों को सम्मान देता है।
भारत सरकार के केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की गरिमा बढ़ाई। इस अवसर पर आयुष मंत्रालय, सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन यूनानी मेडिसिन (CCRUM), शिक्षा जगत, स्वास्थ्य संस्थानों और सार्वजनिक सेवा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि भी मौजूद थे।
श्री संजय सेठ द्वारा कार्यक्रम के दौरान अभिनेता जिम सर्भ के साथ आने वाली डॉक्यूमेंट्री “यूनानी की कहानी” का ट्रेलर भी दिखाया गया।
ये पुरस्कार हकीम अब्दुल हमीद साहब की स्मृति में दिए जाते हैं, जो एक प्रतिष्ठित यूनानी विद्वान, जामिया हमदर्द के संस्थापक, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व चांसलर और हमदर्द लेबोरेटरीज के मुख्य ट्रस्टी थे। पद्म श्री, पद्म भूषण, एविसेना अवॉर्ड और IRCICA अवॉर्ड से सम्मानित हकीम साहब ने पारंपरिक चिकित्सा, शिक्षा और सांस्कृतिक शोध के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया। उनकी विरासत आज भी हमदर्द के राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य को दिशा देती है।
इस वर्ष सम्मानित किए गए प्रमुख नामों में फिजिक्सवाला के संस्थापक एवं सीईओ श्री अलख पांडे शामिल रहे, जिन्हें लाखों छात्रों तक किफायती और सुलभ शिक्षा पहुंचाने के लिए जाना जाता है।। साक्षी पुनिया, प्रसिद्ध भारतीय कबड्डी खिलाड़ी और अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित खिलाड़ी, को भारतीय खेल जगत और महिलाओं की भागीदारी को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए सम्मान मिला। वहीं श्री संतोष आनंद, प्रसिद्ध गीतकार और कवि, को भारतीय सिनेमा और सांस्कृतिक विरासत में उनके यादगार योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशेषज्ञों में डॉ. मनोज एन. नेसरी को आयुर्वेद को राष्ट्रीय और वैश्विक स्वास्थ्य प्रणालियों में सशक्त बनाने के लिए सम्मानित किया गया। पद्म श्री डॉ. मोहम्मद अब्दुल वहीद को यूनानी चिकित्सा में वैज्ञानिक शोध और इलाज को आगे बढ़ाने के लिए, तथा पद्म श्री डॉ. मोहसिन वली, वरिष्ठ चिकित्सक और जेरियाट्रिक केयर विशेषज्ञ, को मरीज-केंद्रित चिकित्सा सेवा के लिए सम्मान प्रदान किया गया।
शिक्षा, सार्वजनिक सेवा, सामाजिक सेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में पद्म श्री डॉ. ज़हीर इशाक काज़ी, अंजुमन-ए-इस्लाम के अध्यक्ष, को शिक्षा और सामाजिक विकास में दशकों के योगदान के लिए सम्मानित किया गया। श्री टी. सी. चाको, मेघालय के पूर्व पुलिस अधीक्षक, को राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रशासन में उनके उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए सम्मान मिला। गूंज के संस्थापक श्री अंशु गुप्ता को ग्रामीण विकास और आपदा राहत में उनके काम के लिए, तथा हुनर शक्ति फाउंडेशन (श्री प्रशांत शर्मा और इंजीनियर नीरज झा) को महिलाओं और युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सम्मानित किया गया।
सुश्री शैलजा चंद्रा, आईएएस (सेवानिवृत्त) को सार्वजनिक स्वास्थ्य और आयुष एवं यूनानी चिकित्सा प्रणालियों के प्रशासन में उनके आजीवन और दूरदर्शी योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किया गया।
इस अवसर पर हमदर्द लेबोरेटरीज के चेयरमैन और मैनेजिंग ट्रस्टी श्री अब्दुल मजीद ने कहा, “हकीम अब्दुल हमीद एक्सीलेंस अवॉर्ड्स उन व्यक्तियों को सम्मान देने का माध्यम हैं, जिन्होंने सेवा, ईमानदारी और अपने काम के जरिए समाज को बेहतर बनाने में योगदान दिया है। ये सम्मान हकीम साहब की उस सोच को दर्शाते हैं, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक सेवा का अंतिम उद्देश्य मानवता की सेवा है। इस मंच के जरिए हम उन लोगों को सम्मानित करते रहेंगे, जिनका कार्य हमारे देश के सामाजिक, बौद्धिक और नैतिक ताने-बाने को मजबूत करता है।”
भारत सरकार के केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने अपने संबोधन में कहा, “आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है कि हम 140 करोड़ लोगों की जरूरतों के लिए कैसे समाधान खोज रहे हैं। जैसा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी कहते हैं, हमारी जनता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। वर्ष 2030 तक लगभग 75 करोड़ भारतीयों की उम्र 25 वर्ष होगी। इसलिए 2047 तक हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि भारत शिक्षा, स्वास्थ्य, और पर्यटन के लिए दुनिया की पसंदीदा जगह बने। मैं सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई देता हूं और हमदर्द लेबोरेटरीज की सराहना करता हूं, जो विकसित भारत के सच्चे ब्रांड एंबेसडर के रूप में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभाशाली लोगों को प्रोत्साहित कर रहा है।”
प्रसिद्ध गीतकार और कवि श्री संतोष आनंद ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, “मैं इस सम्मान को नतमस्तक होकर स्वीकार करता हूं। मेरे जीवन का सफर कभी सीधा या आसान नहीं रहा, लेकिन हर दौर ने मुझे आगे बढ़ना सिखाया। 97 वर्ष की उम्र में भी मेरा विश्वास है कि धैर्य, ईमानदारी और आशा ही जीवन के सच्चे साथी हैं। ज़िन्दगी हर जगह नहीं होती, ख़ुशी हर जगह नहीं होती, सबको संतोष की ज़रूरत होती है, शायरी हर जगह नहीं होती।”
बीते वर्षों में हकीम अब्दुल हमीद एक्सीलेंस अवॉर्ड्स एक ऐसा राष्ट्रीय मंच बन चुका है, जो विभिन्न क्षेत्रों के विचारशील नेताओं, विशेषज्ञों और बदलाव लाने वालों को एक साथ लाता है। यह मंच उन व्यक्तियों को सम्मानित करता है, जिनका काम समाज के लिए उपयोगी है।”