Edited By Niyati Bhandari,Updated: 08 Oct, 2026 11:31 AM

Shardiya Navratri 2026 Vastu Rules: नवरात्रि में घर पर मां दुर्गा की चौकी सजाते समय ईशान कोण की सही दिशा, अखंड ज्योत के नियम और वास्तु की इन मुख्य बातों का रखें ध्यान।
Shardiya Navratri 2026 Vastu Rules: शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व मां दुर्गा की भक्ति और शक्ति की उपासना का सबसे बड़ा अवसर माना जाता है। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ 11 अक्टूबर 2026 (रविवार) से हो रहा है, जिसका समापन 19 अक्टूबर को होगा और 20 अक्टूबर को विजयादशमी (दशहरा) मनाई जाएगी। नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु अपने घरों में कलश स्थापना के साथ-साथ मां दुर्गा की चौकी भी सजाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि माता की चौकी वास्तुशास्त्र के नियमों का पालन करते हुए स्थापित की जाए, तो घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। आइए जानते हैं वास्तु एवं पूजा से जुड़े वे महत्वपूर्ण नियम जिनका ध्यान चौकी स्थापित करते समय रखना अत्यंत आवश्यक है:

चौकी स्थापना के लिए सबसे शुभ दिशा
नवरात्रि के पहले दिन यानी प्रतिपदा तिथि कलश स्थापना के साथ ही नवरात्रे शुरू हो जाते हैं। सबसे पहले नवरात्रे पर देवी उपासना के लिए पूजा स्थल का चुनाव वास्तु के नियमों के अनुसार ही करना चाहिए। वास्तु के अनुसार मां दुर्गा की चौकी के लिए पूजा स्थल की दिशा ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व की दिशा सबसे ज्यादा शुभ मानी जाती है। वास्तु के अनुसार यह दिशा सबसे ज्यादा पवित्र, शुभ और सकारात्मक होती है। इस दिशा में पूजा करने से पूजा का पूरा फल प्राप्त होता है लेकिन किसी कारण से अगर यह दिशा उपलब्ध न हो तो उत्तर या पूर्व में किसी एक दिशा का चुनाव करना चाहिए।
वास्तु के अनुसार, देवी दुर्गा की मूर्ति को उत्तर-पूर्व की दिशा में इस तरह रखना चाहिए कि साधक का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ हो। इससे पूजा में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहेगा।
अखंड ज्योत स्थापित करते समय बरतें ये सावधानियां
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि में अखंड दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है। हालांकि अखंड दीपक जलाते समय कुछ वास्तु नियमों का पालन करना भी जरूरी माना गया है। आइए जानते हैं इन महत्वपूर्ण नियमों के बारे में।
वास्तु शास्त्र के अनुसार नवरात्रि में अखंड दीपक हमेशा पूजा घर के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में रखना शुभ माना जाता है। यह दिशा देवी-देवताओं की मानी जाती है। यदि ईशान कोण उपलब्ध न हो तो आप दीपक को पूर्व या उत्तर दिशा में भी रख सकते हैं। इन दिशाओं में रखा दीपक घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है।
नवरात्रि में अखंड दीपक जलाने के बाद उसकी नियमित देखभाल करना भी आवश्यक होता है। दीपक में समय-समय पर घी या तेल डालते रहें और बाती को ठीक करते रहें ताकि ज्योति लगातार जलती रहे। यह माता दुर्गा की भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है।
नवरात्रि में अखंड दीपक जलाना आस्था और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। यदि इसे सही दिशा, सही सामग्री और वास्तु नियमों के अनुसार जलाया जाए तो घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।
