Pitra Tarpan Dharmik Sthal: ये हैं भारत के प्रमुख तर्पण स्थल, जहां पूर्वजों की आत्मा को मिलती है शांति और मुक्ति

Edited By Updated: 24 Sep, 2026 01:38 PM

pitra tarpan dharmik sthal

Pitra Tarpan Dharmik Sthal: पितृ पक्ष के दौरान पितरों की शांति, तर्पण और पिंडदान के लिए भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों के बारे में जानें। गया जी, ब्रह्मकपाल, सिद्धवट से लेकर लक्ष्मण बाण तक, जानिए इन पावन तीर्थों का धार्मिक महत्व।

Pitra Tarpan Dharmik Sthal: प्रत्येक वर्ष पितृ पक्ष के आरंभ होते ही देश भर में श्रद्धालु अपने पूर्वजों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान कर उन्हें प्रसन्न करने के कार्य में जुट जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितरों की आत्मा की मुक्ति के लिए पावन नदियों के तटों पर तर्पण, भोज और पिंडदान विधि-विधान से संपन्न किया जाता है। यूं तो देश भर में ऐसे लगभग 55 तर्पण स्थल बताए जाते हैं, लेकिन इनमें से कुछ अत्यंत प्रमुख और प्रसिद्ध स्थलों का विशेष धार्मिक महत्व है।

PunjabKesari Pitra Tarpan Dharmik Sthal

देश के प्रमुख पितृ तर्पण एवं श्राद्ध स्थल:
गया जी (बिहार) बिहार राज्य में स्थित गया जी पितृ तर्पण के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। यहां श्रद्धालु फल्गु नदी के तट पर जाकर पितृ पक्ष के दौरान अपने पूर्वजों का श्राद्ध कर्म करते हैं।

ब्रह्मकपाल (उत्तराखंड) उत्तराखंड में बद्रीनाथ धाम के समीप अलकनंदा नदी के तट पर स्थित ब्रह्मकपाल स्थल की विशेष मान्यता है। ऐसा माना जाता है कि जिन पितरों को गया या अन्य किसी स्थान पर मुक्ति प्राप्त नहीं होती, उनका श्राद्ध ब्रह्मकपाल में करने से उन्हें मोक्ष मिल जाता है।

PunjabKesari Pitra Tarpan Dharmik Sthal

सिद्धवट, उज्जैन (मध्य प्रदेश) मध्य प्रदेश के उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट पर सिद्धवट स्थित है। यहां श्राद्ध कर्म करने का विशेष विधान है और प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु अपने पितरों के तर्पण के लिए यहां आते हैं।

लोहार्गल / लोहानगर (राजस्थान) राजस्थान के लोहानगर को लोहार्गल के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार यहां सूरजकुंड में पांडवों ने अपने पितरों की मुक्ति के लिए कर्म किए थे। यहां तीन पर्वतों से निकलने वाली सात धाराएं हैं और यह स्थान विशेष रूप से अस्थि विसर्जन के लिए प्रसिद्ध है।

PunjabKesari Pitra Tarpan Dharmik Sthal

प्रयाग (उत्तर प्रदेश) उत्तर प्रदेश के प्रयाग में त्रिवेणी संगम पर गंगा नदी के तट पर श्राद्ध कार्य और मुक्ति कर्म संपन्न किए जाते हैं।

हरिद्वार (उत्तराखंड) उत्तराखंड के हरिद्वार में हर की पौड़ी, सप्त गंगा, त्रिगंगा और शकावर्त स्थलों पर पितरों के निमित्त मुक्ति कर्म किए जाते हैं।

PunjabKesari Pitra Tarpan Dharmik Sthal

पिंडारक (गुजरात) गुजरात के प्रभास क्षेत्र में द्वारिका के पास स्थित पिंडारक एक पावन तीर्थ है। यहां पितृ पिंड सरोवर स्थित है, जहां श्राद्ध पक्ष के दौरान लोग तर्पण करते हैं।

नाशिक एवं मेघंकर (महाराष्ट्र) महाराष्ट्र के नाशिक में गोदावरी नदी के तट पर तर्पण कार्य किए जाते हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र के मेघंकर में पैनगंगा नदी के तट पर भी पितरों के मुक्ति कर्म किए जाते हैं।

लक्ष्मण बाण (कर्नाटक) कर्नाटक स्थित यह स्थल रामायण काल से जुड़ा हुआ है। यहां लक्ष्मण मंदिर के पीछे लक्ष्मण कुंड स्थित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री राम ने इसी स्थान पर अपने पिता राजा दशरथ का श्राद्ध किया था।

PunjabKesari Pitra Tarpan Dharmik Sthal

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!