Edited By Rahul Singh,Updated: 09 Oct, 2026 04:40 PM

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ''जयराम रमेश, अराजकता पैदा करने का आपका प्रयास सफल नहीं होगा।'' कांग्रेस ने इससे पहले दिन में भारतीय आईटी पेशेवरों को प्रभावित करने वाली अमेरिकी सरकार की कार्रवाइयों को लेकर केंद्र पर निशाना साधा था।
नई दिल्ली : अमेरिकी कार्रवाइयों से भारतीय आईटी पेशेवरों के प्रभावित होने के मुद्दे पर कांग्रेस द्वारा नरेन्द्र मोदी सरकार को निशाना बनाए जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कांग्रेस पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनके ''विदेशी सहयोगी'' देश में अराजकता पैदा करना चाहते हैं। भाजपा के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर सिलसिलेवार पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारतीय हितों के संरक्षक हैं। भंडारी ने कहा, ''भूलिए मत! राहुल गांधी ने पहले खुले तौर पर घोषणा की थी - हम 'इंडियन स्टेट' से लड़ रहे हैं।''
उन्होंने आरोप लगाया, ''सत्ता में आने की अपनी उत्सुकता में राहुल गांधी और उनके विदेशी सहयोगी अराजकता पैदा करना चाहते हैं।'' उन्होंने दावा किया, ''भारत के राष्ट्रीय हित के मामलों में राहुल गांधी ने हमेशा इसके खिलाफ खड़ा होने का विकल्प चुना और वह स्वेच्छा से समर्पण कर देते हैं। राहुल गांधी 'इंडियन स्टेट' के खिलाफ हैं।'' भंडारी ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश पर भी निशाना साधा। रमेश ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 10 अक्टूबर को होने वाले 'कॉकरोच जनता पार्टी' (कॉजपा) के प्रदर्शन से पहले भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर मोदी सरकार पर तंज कसा था। इस पर भंडारी ने कहा, ''घबराइए मत। भारत के लोग 'मीर जाफर' राहुल गांधी और आपके गुट की असलियत समझ रहे हैं।''
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ''जयराम रमेश, अराजकता पैदा करने का आपका प्रयास सफल नहीं होगा।'' कांग्रेस ने इससे पहले दिन में भारतीय आईटी पेशेवरों को प्रभावित करने वाली अमेरिकी सरकार की कार्रवाइयों को लेकर केंद्र पर निशाना साधा था। पार्टी ने कहा था कि भारत के पास जवाबी कार्रवाई करने के कई विकल्प हैं,लेकिन ''प्रधानमंत्री पूरी तरह समझौता कर चुके हैं'' और अब वह ''ज्ञानेशगेट'' को लेकर ''घिरे हुए हैं''। वह ऐसा नहीं करेंगे।'' विपक्षी दल ने यह भी कहा था कि 'कॉजपा' के प्रदर्शन से पहले भारी सुरक्षा बलों की तैनाती, चार दिनों से लगातार हो रहे 'इंडिया' गठबंधन के प्रदर्शनों के बाद सरकार की ''घबराहट और बेचैनी'' के स्तर को साफ तौर पर दर्शाती है।